Date : 2023-05-05
वृष लग्न में सूर्य के फल बारह भावो में
१ वृष लग्न में सूर्य यदि लग्न में होता है तो प्रॉपर्टी बनने के योग बनते है। अपना स्वयं का मकान बनने के योग बनते है। वेहिकल सुख प्राप्त होने के योग बनते है। ऐसे जातक की हाइट लम्बी होती है। ऐसा जातक थोड़े गुस्से वाले स्वभाव का होता है ऐसे जातक के अंदर कॉन्फिडेंस बहुत होता है ऐसा जातक मेहनती होता है। अपने दम पर तरक्की करने वाला होता है। ऐसे जातक को मान सम्मान प्राप्त होता है ऐसा जातक पिता को पैसे देने वाला होता है।
२ वृष लग्न में यदि सूर्य दूसरे स्थान में होता है तो ऐसे जातक की वाणी थोड़ी कठोर होती है ऐसा जातक प्रॉपर्टी और वेहिकल का मालिक होता है। परिवार से मतभेद होते है माता को स्वास्थ्य सम्बंधित समस्या रहती है परिवार से दूर रहने की सम्भावना रहती है। धन के योग बनते है। आंखे कमजोर हो सकती है।
३ वृष लग्न में यदि सूर्य तीसरे स्थान में होता है तो अपना स्वयं का मकान बनने में देरी और रूकावट के योग बनते है माता को स्वास्थ्य सम्बंधित समस्या होती है। ऐसे जातक के अंदर पराक्रम बहुत होता है। ऐसे जातक को शास्त्र पढ़ने में रूचि होती है। धर्म में ऐसे जातक की आस्था होती है। ऐसा जातक मेहनती होता है। पड़ोसियों से मतभेद के योग बनते है।
४ वृष लग्न में यदि चौथे स्थान में सूर्य होता है तो अपना स्वयं का मकान बनने के योग बनते है बड़ा मकान बनने के योग बनते है वेहिकल सुख प्राप्त होने के योग बनते है माता जॉब करने वाली होती है। माता आर्थिक रूप से संपन्न होती है। सरकारी नौकरी की सम्भावना बनती है। मान सम्मान प्राप्त होने के योग बनते है।
५ वृष लग्न में पंचम भाव में सूर्य बैठा हो तो अपना मकान बनने के योग बनते है वेहिकल सुख प्राप्त होने के योग बनते है। हायर एजुकेशन के योग बनते है। संतान भी अच्छी होती है। संतान नाम रोशन करने वाली होती है। मित्र अच्छे शिक्षित होते है और ऐसे जातक के बड़े लेवल के लोगो से सम्बन्ध होते है। अच्छे प्रतिष्ठित लोगो से सम्बन्ध होते है। साइंस लेकर हायर एजुकेशन की सम्भावना बनती है।
६ वृष लग्न में छठे स्थान में सूर्य हो तो कर्ज के योग बनते है। प्रॉपर्टी सुख में कमी रहती है प्रॉपर्टी को लेकर वाद विवाद के योग बनते है। कर्ज और लोन के माध्यम से अपना मकान बनने के योग बनते है। चोट लगने के योग बनते है माता को स्वास्थ्य सम्बंधित समस्या के योग बनते है। आंखे कमजोर होने के योग बनते है। चेस्ट इन्फेक्शन की सम्भावना बनती है। पेट और हड्डी से जुडी समस्या की सम्भावना रहती है।
७ वृष लग्न में यदि सप्तम भाव में सूर्य हो तो अच्छे प्रतिष्ठित परिवार में विवाह के योग बनते है। जीवन साथी सरकारी नौकरी या अर्ध सरकारी नौकरी से जुड़ा हो सकता है। जीवन साथी गोरे रंग का होता है सुन्दर होता है लेकिन थोड़ा गुस्से वाले स्वभाव का होता है। धार्मिक जीवन साथी होता है और पुराने रीती रिवाज को मानने वाला होता है। जीवन साथी अपनी वाणी का पक्का होता है और सच्चाई का साथ देने वाला होता है। प्रॉपर्टी बनने के योग बनते है वेहिकल सुख प्राप्त होने के योग बनते है।
८ वृष लग्न में यदि सूर्य आठवे स्थान में हो तो प्रॉपर्टी सुख में कमी के योग बनते है। प्रॉपर्टी को नुकसान के योग बनते है। वेहिकल सुख में कमी रहती है। माता को स्वास्थ्य सम्बंधित समस्या की सम्भावना रहती है। आंख और पेट की समस्या रहती है कब्ज और पाइल्स जैसी समस्या की सम्भावना रहती है। परिवार से मतभेद के योग बनते है।
९ वृष लग्न में यदि सूर्य नोवे स्थान में होता है तो भाग्य से मकान बनने के योग बनते है प्रॉपर्टी सुख प्राप्त होने के योग बनते है। धार्मिक यात्रा के योग बनते है। भाग्य में थोड़ी रूकावट रहती है। ऐसा जातक मेहनती होता है। मान सम्मान पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं होता है।
१० वृष लग्न में यदि सूर्य दसवे स्थान में होता है तो सरकारी नौकरी के योग बनते है। प्रॉपर्टी बनने के योग बनते है। वेहिकल सुख प्राप्त होने के योग बनते है। माता से मतभेद के योग बनते है पिता से भी मतभेद के योग बनते है। जन्म स्थान पर रहकर ही सफलता प्राप्त होने के योग बनते है। लेकिन यदि सूर्य पाप ग्रहो के प्रभाव में हुआ या पाप कर्तरी दोष से पीड़ित हुआ तो जन्म स्थान से दूर रहने के योग बनते है। जन्म स्थान से दूर सफलता प्राप्त होने के योग बनते है।
११ वृष लग्न में यदि ग्यारवे स्थान में सूर्य हो तो प्रॉपर्टी बनने के योग बनते है वेहिकल सुख प्राप्त होने के योग बनते है। विदेश में भी मकान बनने की सम्भावना रहती है। लाभ में वृद्धि होती है। मान सम्मान में वृद्धि होती है। सरकार से लाभ होने के योग बनते है। साइंस लेकर हायर एजुकेशन की सम्भावना बनती है। मित्रो से मतभेद की स्थिति बनती है। संतान तेजस्वी होती है।
१२ वृष लग्न में यदि सूर्य बारवे स्थान में हो तो जन्म स्थान छूटने के योग बनते है जन्म स्थान से दूर सफलता प्राप्त होने के योग बनते है। आंखे कमजोर होने के योग बनते है। सिर दर्द की समस्या की सम्भावना रहती है। पेट से सम्बंधित समस्या की सम्भावना रहती है। शत्रुओ पर विजय प्राप्त होती है। प्रॉपर्टी और वेहिकल सुख में कमी के योग बनते है। प्रॉपर्टी हानि की सम्भावना रहती है।
ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा