वीरवार व्रत की पूजा विधि क्या होती है

Date : 2023-03-09

वीरवार व्रत की पूजा विधि क्या होती है



वीरवार का व्रत रखने से बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है। वीरवार का व्रत करने से परिवार में आर्थिक स्थिति अच्छी होती है। परिवार में धन आता है। धन सम्बंधित समस्या समाप्त हो जाती है। वीरवार का व्रत करने से शादी से जुडी समस्या समाप्त हो जाती है शादी हो जाती है और शादी के बाद मैरिड लाइफ अच्छी रहती है। वीरवार का व्रत करने से परिवार में सुख शांति रहती है। परिवार का माहौल अच्छा रहता है। वीरवार का व्रत करने से कार्य क्षेत्र में भी उन्नति प्राप्त होती है। वीरवार का व्रत करने से व्यापार और नौकरी में उन्नति के योग बनते है। अतः वीरवार का व्रत करना बहुत शुभ होता है इसलिए वीरवार का व्रत करना चाहिए। इस ब्लॉग में जानेंगे वीरवार व्रत की पूजा विधि क्या होती है।



वीरवार का व्रत कब से शुरू करे ?

वीरवार का व्रत शुक्ल पक्ष के वीरवार से करना शुभ होता है। पौष मास को छोड़कर किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष के वीरवार से वीरवार का व्रत कर सकते है।


कितने वीरवार व्रत करे ?

वीरवार का व्रत 16 वीरवार करना चाहिए और 17वे वीरवार को उद्यापन करना चाहिए।


वीरवार व्रत की पूजा विधि

* वीरवार के दिन सुबह उठकर स्नान करे और पिले रंग के वस्त्र धारण करे।

* वीरवार का व्रत भगवान विष्णु के लिए रखा जाता है इसलिए व्रत का संकल्प विष्णु भगवान का ध्यान करके ले।

* वीरवार के दिन केले के पौधे का पूजन करे। पूजन के लिए गुड़, चने की दाल ले।

* वीरवार के दिन केले के पौधे का पूजन करने के बाद धुप दीप जलाए और केले के पौधे के सम्मुख बैठकर वीरवार व्रत की कथा पढ़े।

* कथा समाप्त होने के बाद विष्णु भगवान की आरती करे।

* आरती समाप्त होने के बाद जल को केले के पौधे में चढ़ाए।

* दिन भर कोई भोजन नहीं करना है सिर्फ फल खाने है।

* फिर रात को विष्णु भगवान के सम्मुख देसी की का दीपक जलाए और विष्णु भगवान की आरती करे।

* इसके बाद विष्णु भगवान को पिले रंग के भोजन का भोग लगाए और स्वयं भी पीला भोजन करे।



ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा

Copyright © 2022 Astrologermaheshsharma.com . All Rights Reserved.