Date : 2023-05-12
सूर्य केतु की युति के फल
सूर्य ग्रह कुंडली में सरकारी नौकरी, पिता, हड्डी, आंख, ब्लड, मान सम्मान, पेट और पाचन क्रिया, हार्ट के कारक होते है। अगर कुंडली में सूर्य केतु के साथ होता है तो सूर्य पीड़ित अवस्था में होता है। सूर्य केतु का योग कुंडली में होना अच्छा नहीं होता है। सूर्य केतु की युति के कई प्रकार के नकारात्मक परिणाम प्राप्त होते है। इसलिए सूर्य केतु की युति कुंडली में अच्छी नहीं मानी जाती है। इस ब्लॉग में चर्चा करेंगे की सूर्य केतु की युति के क्या क्या फल प्राप्त होते है।
सूर्य केतु की युति के फल● कुंडली में सूर्य ग्रह केतु से पीड़ित होता है तो सरकारी नौकरी प्राप्त होने में रूकावट रहती है सरकार से लाभ प्राप्त होने में रूकावट रहती है। इसलिए सूर्य केतु की युति का कुंडली में होना अच्छा नहीं माना जाता है।
● कुंडली में सूर्य केतु से पीड़ित होता है तो ऐसे व्यक्ति को आँखों से सम्बंधित समस्या होती है। ऐसे व्यक्ति की आंखे कमजोर होती है। इसलिए सूर्य केतु की युति आँखों के लिए भी अच्छी नहीं मानी जाती है।
● कुंडली में सूर्य केतु की युति होने पर मान सम्मान भी पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं होता है ऐसा व्यक्ति दूसरो के लिए लिए कितना भी कुछ करे या ऑफिस में कितना भी अच्छा कार्य करे उसको अपने किये हुए कार्यो का क्रेडिट पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं होता है। मान सम्मान पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं होता है।
● कुंडली में सूर्य हार्ट के कारक भी होते है अगर कुंडली में सूर्य केतु से पीड़ित होता है तो व्यक्ति को बड़ी आयु में कोलेस्ट्रॉल से जुडी समस्या हो सकती है सांस फूलने जैसी समस्या हो सकती है।
● कुंडली में सूर्य पेट और पाचन क्रिया के कारक भी होते है अगर कुंडली में सूर्य केतु से पीड़ित होता है तो व्यक्ति को पेट और पाचन क्रिया से सम्बंधित समस्या होने लगती है ऐसे व्यक्ति को बाहर का खाना नहीं खाना चाहिए।
● कुंडली में सूर्य हड्डी के कारक भी होते है अगर कुंडली में सूर्य केतु से पीड़ित होता है तो ऐसे व्यक्ति को हड्डियों से जुडी समस्या होती है। हड्डियों में दर्द की शिकायत होने लगती है।
● कुंडली में सूर्य ग्रह ब्लड के कारक होते है अगर कुंडली में सूर्य केतु से पीड़ित होता है तो ब्लड से सम्बंधित समस्या होने की सम्भावना रहती है। ब्लड की कमी होने की सम्भावना रहती है।
● कुंडली में सूर्य पिता के कारक होते है जिस व्यक्ति की कुंडली में सूर्य केतु से पीड़ित होता है ऐसे व्यक्ति के अपने पिता से सम्बन्ध अच्छे नहीं होते है। पिता के साथ वैचारिक मतभेद रहते है।
सूर्य केतु के उपाय ● सूर्य को मजबूत करने के लिए प्रतिदिन सुबह सूर्य के मंत्र की एक माला का जाप जरूर करे ॐ घृणि सूर्याय नमः।
● सूर्य को मजबूत करने के लिए सूर्य आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ भी कर सकते है। अगर रोज सूर्य आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ न कर पाए तो प्रत्येक रविवार सुबह सूर्य आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ जरूर करे।
● सूर्य को मजबूत करने के लिए अपनी कुंडली किसी विशेषज्ञ ज्योतिषी को देखकर सूर्य का रत्न माणिक भी धारण करे। माणिक धारण करने से सूर्य ग्रह मजबूत होता है और अच्छे फल प्रदान करता है।
● सूर्य को मजबूत करने के लिए प्रत्येक रविवार सूर्य भगवान का व्रत करे। सूर्य भगवान का व्रत करने से सूर्य ग्रह मजबूत हो जाता है और अपने शुभ फल प्रदान करता है।
● सूर्य ग्रह को मजबूत करने के लिए रविवार के दिन गुड़ का सेवन किया करे। इससे भी सूर्य के शुभ फल प्राप्त होते है।
● सूर्य ग्रह को मजबूत करने के लिए सूर्य गायत्री मंत्र का जाप भी कर सकते है ऊँ आदित्याय विदमहे दिवाकराय धीमहि तन्नो सूर्यः प्रचोदयत।।
● केतु की शांति के लिए प्रत्येक बुधवार कुत्ते को दूध ब्रेड खिलाए। इससे केतु ग्रह की शांति होती है और केतु ग्रह अपने शुभ फल प्रदान करते है।
● केतु की शांति के लिए प्रतिदिन सुबह पक्षियों को सतनाज खिलाए। इससे भी केतु ग्रह की शांति होती है और केतु के दुष्प्रभाव समाप्त हो जाते है और केतु के शुभ फल प्राप्त होते है।
ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा