● सुलेमानी हकीक रत्न धारण करने से शनि, राहु, केतु के दुष्प्रभाव समाप्त हो जाते है और शनि राहु केतु के शुभ फल प्राप्त होते है इसलिए जिनकी कुंडली में शनि राहु केतु ग्रह दुष्प्रभाव दे रहे हो उनको सुलेमानी हकीक रत्न धारण करना चाहिए.
● सुलेमानी हकीक रत्न धारण करने से बुरी नजर से बचाव होता है और टोन टोटके के दुष्प्रभाव समाप्त हो जाते है और नकारात्मक शक्ति से बचाव होता है .
● सुलेमानी हकीक रत्न धारण करने से रात को अच्छी नींद आती है. नींद से जुडी समस्या समाप्त हो जाती है. डरवाने सपने नहीं आते है और रात को अच्छी नींद आती है.
● सुलेमानी हकीक रत्न धारण करने से डिप्रेशन, एंग्जायटी जैसी समस्या समाप्त हो जाती है और मानसिक शांति प्राप्त होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
● सुलेमानी हकीक रत्न धारण करने से बुद्धि तेज होती है और बुरे विचार नहीं आते है बुरे विचार मन में नहीं आते है और सकारात्मक और अच्छे विचार मन में आते है.
● सुलेमानी हकीक रत्न धारण करने से धन प्राप्ति के अवसर प्राप्त होते है और धन आगमन में नए रास्ते खुलते होते है. धन की समस्या समाप्त हो जाती है और आर्थिक उन्नति होती है.
● सुलेमानी हकीक रत्न धारण करने से परिवार में सुख शांति रहती है परिवार में लड़ाई झगड़े समाप्त हो होते है और परिवारी सुख में वृद्धि होती है.
● सुलेमानी हकीक रत्न धारण करने से शत्रुओ से मुक्ति प्राप्त होती है यदि कोई कोर्ट केस चल रहा हो तो वो भी समाप्त हो जाता है.
● सुलेमानी हकीक रत्न धारण करने से स्वास्थ्य सम्बंधित समस्या, हड्डी, नसे नाड़ी से सम्बंधित समस्या समाप्त हो जाती है.
● सुलेमानी हकीक रत्न धारण करने से रक्त ठीक प्रकार से संचारित होता है. रक्त से सम्बंधित समस्या समाप्त हो जाती है.
सुलेमानी हकीक रत्न धारण करने की विधि
सुलेमानी हकीक पंचधातु की अंगूठी में जड़वा कर अपनी मध्यमा ऊँगली में शनिवार की शाम को धारण करे. रत्न धारण करने से पहले रत्न को एक कटोरी में कच्चे दूध और गंगाजल में डालकर रखे और 10 मिनट बाद कटोरी से निकालकर पुनः गंगाजल से धोकर शुद्ध कर ले और अपनी मध्यमा ऊँगली में धारण करे.