Date : 2023-05-11
शुक्राणु बढ़ाने के ज्योतिष उपाय
ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को शुक्राणुओं का कारक माना जाता है। कुंडली में शुक्र के कमजोर होने के कारण पुरुषो में शुक्राणुओं की कमी हो जाती है। इसलिए पुरुषो के लिए कुंडली में शुक्र का मजबूत होना बेहद जरूर होता है। शुक्राणुओं की संख्या में कमी होने के कारण पुरुषो को संतान प्राप्ति में देरी और रूकावट का सामना करना पड़ता है और उनकी मैरिड लाइफ में भी समस्या आती है। कम शुक्राणुओं के कारण पति पत्नी के बीच सम्बन्धो पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए पुरुषो के लिए कुंडली में शुक्र ग्रह का बहुत महत्व है। इसलिए अच्छी मैरिड लाइफ और संतान प्राप्ति के लिए शुक्र ग्रह का कुंडली में मजबूत होना बहुत जरूरी होता है। कुछ पुरुषो को शुक्राणुओं में कमी का सामना करना पड़ता है उनके स्पर्म काउंट कम हो जाते है इसके पीछे मुख्य वजह है कुंडली में शुक्र ग्रह का पाप ग्रहो के प्रभाव में होना या शुक्र ग्रह की डिग्री का कम होना। इस ब्लॉग में हम चर्चा करेंगे की कुंडली के अनुसार पुरुषो में शुक्राणुओं में कमी के क्या कारण होते है।
शुक्रवाणु में कमी के ज्योतिषीय कारण● कुंडली में शुक्र ग्रह शुक्राणुओं के कारक होते है जब कुंडली में शुक्र ग्रह का सम्बन्ध कुंडली में रोग स्थान के मालिक से बनता है तो ऐसे व्यक्ति के शुक्राणु में कमी आ सकती है। कुंडली में छठा स्थान रोग का होता है इसलिए कुंडली में शुक्र का सम्बन्ध छठे स्थान के मालिक से नहीं होना चाहिए।
● अगर कुंडली में शुक्र ग्रह सूर्य के साथ होगा तब भी स्पर्म काउंट कम हो जाता है। ऐसे व्यक्ति के शुक्राणु में कमी आने के योग बन जाते है इसलिए कुंडली में शुक्र सूर्य का सम्बन्ध भी अच्छा नहीं होता है।
● अगर कुंडली में शुक्र जीरो डिग्री का होगा तो ऐसी स्थिति में भी पुरुषो के शुक्राणुओं में कमी आने की सम्भावना बढ़ जाती है ऐसे व्यक्ति को संतान प्राप्ति में भी समस्या और रूकावट का सामना करना पड़ता है। मैरिड लाइफ में भी समस्या की सम्भावना रहती है।
● कुंडली में शुक्र शनि की युति भी पुरुषो में शुक्राणुओं की संख्या में कमी करती है। ऐसे व्यक्ति का भी स्पर्म काउंट कम होने की संभावना अधिक रहती है। ऐसे व्यक्ति के शुक्राणुओं में कमी आ जाती है।
● अगर कुंडली में शुक्र राहु से पीड़ित होगा तब भी शुक्राणुओं की संख्या कम होने की सम्भावना अधिक रहती है। संतान प्राप्ति में भी देरी होती है और मैरिड लाइफ भी ज्यादा अच्छी नहीं होती है।
● अगर कुंडली में शुक्र बारवे स्थान में नीच का हो और पाप ग्रह शनि की दृष्टि से पीड़ित हो तो भी ऐसे पुरुषो को शुक्राणुओं से सम्बंधित समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे व्यक्ति के शुक्राणुओं में कमी आने की सम्भावना रहती है।
● कुंडली में छठे स्थान में नीच का शुक्र हो और पाप ग्रह शनि राहु की दृष्टि शुक्र पर हो तब भी पुरुषो में शुक्राणुओं की कमी होने के योग बन जाते है। मैरिड लाइफ भी अच्छी नहीं होती है।
शुक्राणु बढ़ाने के ज्योतिष उपाय● पुरुषो को शुक्राणुओं में वृद्धि के लिए अपनी कुंडली में शुक्र ग्रह को मजबूत करना चाहिए। इसके लिए किसी ज्योतिषी से कुंडली दिखाकर शुक्र ग्रह का रत्न हीरा या ओपल धरना चाहिए। इससे शुक्राणुओं में वृद्धि होती है। स्पर्म काउंट बढ़ जाता है।
● पुरुषो को शुक्राणुओं में वृद्धि के लिए प्रतिदिन सुबह शुक्र के मंत्र की एक माला का जाप जरूर करना चाहिए ॐ शुं शुक्राय नमः और प्रत्येक शुक्रवार व्रत भी करना चाहिए।
● पुरुषो को शुक्राणुओं में वृद्धि के लिए छह मुखी रुद्राक्ष भी धारण करना चाहिए। छह मुखी रुद्राक्ष धारण करने से शुक्र ग्रह मजबूत होता है और शुक्राणुओं में वृद्धि हो जाती है।
● पुरुषो को शुक्राणुओं में वृद्धि के लिए शुक्र गायत्री मंत्र का जाप भी करना चाहिए ॐ भृगुजाय विद्महे दिव्य देहाय धीमहि तन्नो शुक्र : प्रचोदयात् ।
● पाप ग्रह शनि राहु केतु की शांति के लिए भी उपाय करने चाहिए और सूर्य के भी उपाय करने चाहिए क्योकि ये ग्रह भी शुक्र को पीड़ित करते है तो पुरुषो के शुक्राणुओं में कमी हो जाती है।
● शनि के लिए प्रत्येक शनिवार शनि देव पर सरसो का तेल चढ़ाए। प्रतिदिन शाम को शनि के मंत्र की एक माला का जाप जरूर करे ॐ प्रां प्रीं प्रों सः शनेश्चराय नमः।
● राहु केतु की शांति के लिए प्रतिदिन सुबह पक्षियों को सतनाज जरूर खिलाए। इससे राहु केतु के दुष्प्रभाव समाप्त हो जाते है।
● सूर्य के लिए प्रतिदिन सुबह सूर्य के मंत्र की एक माला का जाप जरूर करे ॐ घृणि सूर्याय नमः।
ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा