Date : 2023-03-04
शुक्र राहु युति के सातवे स्थान में फल
शुक्र मैरिड लाइफ के कारक होते है और शुक्र शारीरिक सम्बन्धो के कारक भी होते है शुक्र राहु के साथ होते है तो शुक्र पीड़ित हो जाते है और शुक्र के शुभ फल में कमी रहती है इस ब्लॉग में हम चर्चा करेंगे की शुक्र राहु की युति जब कुंडली में सातवे स्थान में होती है तो मैरिड लाइफ पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है। इसके क्या नकारात्मक प्रभाव पडता है और उन नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए क्या उपाय करने चाहिए।
शुक्र राहु के सातवे स्थान में फल ( shukra rahu in 7th house )* कुंडली में सातवा स्थान मैरिड लाइफ का होता है इसलिए कुंडली के सातवे स्थान में शुक्र राहु होने के कारण मैरिड लाइफ में समस्या उत्पन्न होती है मैरिड लाइफ अच्छी नहीं होती है।
* कुंडली के सातवे स्थान में शुक्र राहु होने के कारण शादी में देरी होती है शादी के लिए अच्छे रिश्ते मिलने में रूकावट आती है और शादी के बाद भी समस्या रहती है।
* कुंडली के सातवे स्थान में शुक्र राहु होने पर पत्नी का स्वास्थ्य कमजोर रहता है पत्नी को स्वास्थ्य सम्बंधित कोई न कोई समस्या लगी रहती है।
* कुंडली में सातवे स्थान में शुक्र राहु की युति होने पर शादी के बाद अफेयर की सम्भावना भी रहती है। इसके कारण भी मैरिड लाइफ खराब हो जाती है।
* कुंडली के सातवे स्थान में शुक्र राहु होने के कारण स्वयं का बड़ी आयु में शुगर होने की सम्भावना रहती है। स्वास्थ्य सम्बंधित समस्या की सम्भावना रहती है।
* कुंडली के सातवे स्थान में शुक्र राहु होने पर यूरिन से जुडी समस्या की सम्भावना रहती है।
* लड़की की कुंडली में सप्तम भाव में शुक्र राहु की युति होने पर पीरियड और यूटेरस से जुडी समस्या होने की सम्भावना रहती है।
* कुंडली के सातवे स्थान में शुक्र राहु होने पर पार्टनरशिप में बिज़नेस करने पर नुकसान होने के योग बनते है इसलिए पार्टनरशिप में बिज़नेस ऐसे व्यक्ति को नहीं करना चाहिए।
सातवे स्थान में शुक्र राहु के उपाय ( remedies for 7th house shukra rahu conjuction )* प्रतिदिन सुबह शुक्र के मंत्र की एक माला का जाप जरूर करे ॐ शुं शुक्राय नमः।
* प्रत्येक शुक्रवार व्रत करे इससे शुक्र मजबूत होता है।
* शुक्र को मजबूत करने के लिए छह मुखी रुद्राक्ष धारण करे।
* ज्योतिषी को कुंडली दिखाकर शुक्र का रत्न ओपल या डायमंड धारण करे।
* प्रत्येक शुक्रवार सफेद वस्त्र धारण करे।
* प्रतिदिन परफ्यूम या इत्र का प्रयोग करे।
ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा