शुक्र राहु युति के दूसरे स्थान में फल

Date : 2023-07-15

शुक्र राहु युति के दूसरे स्थान में फल



कुंडली में दूसरा स्थान परिवार, खाने पीने, ज्वेल्लेरी, वाणी, आंख, गले का होता है। कुंडली में दूसरे स्थान में शुक्र राहु होने के कारण दूसरा स्थान पीड़ित हो जाता है। दूसरे स्थान में शुक्र राहु होने के कारण दूसरे स्थान से जुड़े शुभ फलो में कमी रहती है और अशुभ फल प्राप्त होने की सम्भावना अधिक होती है। दूसरे स्थान में शुक्र राहु होने के कारण कई प्रकार की समस्याए उत्पन्न होती है। इस ब्लॉग में चर्चा करेंगे की कुंडली में शुक्र राहु के दूसरे स्थान में होने के कारण क्या क्या परिणाम प्राप्त होते है।


शुक्र राहु युति के दूसरे स्थान में फल

● कुंडली के दूसरे स्थान में शुक्र राहु होने के कारण परिवार में मतभेद और झगड़े की स्थिति उत्पन्न होती है। परिवार वालो से वैचारिक मतभेद की स्थिति रहती है।

● कुंडली के दूसरे स्थान में शुक्र राहु होने के कारण गलत खान पान की आदत होने की सम्भावना रहती है। ऐसा व्यक्ति बाहर का खाना ज्यादा खाता है और फ़ास्ट फ़ूड अधिक खाता है।

● कुंडली के दूसरे स्थान में शुक्र राहु होने के कारण व्यक्ति नशीले पदार्थो का सेवन करता है। व्यक्ति नशा करता है ड्रिंक करता है और स्मोकिंग करता है।

● कुंडली के दूसरे स्थान में शुक्र राहु होने के कारण आंखे कमजोर होने के योग बनते है। ऐसे व्यक्ति को आँखों से सम्बंधित समस्या होने की सम्भावना रहती है परिवार में भी सदस्यों की आंखे कमजोर होने के योग बनते है।

● कुंडली के दूसरे स्थान में शुक्र राहु होने के कारण धन व्यर्थ में खर्च होने के योग बनते है व्यर्थ में धन हानि होती है धन टिकता नहीं है और धन संचय में कमी रहती है। आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ता है।

● कुंडली के दूसरे स्थान में शुक्र राहु होने के कारण गले में इन्फेक्शन, टॉन्सिल की समस्या होने की सम्भावना रहती है। गले में समस्या शुक्र राहु के कारण हो सकती है।

● कुंडली के दूसरे स्थान में शुक्र राहु होने के कारण व्यक्ति के अंदर वाणी दोष होता है। शुक्र राहु के दूसरे स्थान पर होने के कारण व्यक्ति की वाणी कड़वी हो सकती है व्यक्ति दूसरो से ठीक प्रकार से बात नहीं करता है। दूसरो से अपशब्द का प्रयोग करता है।

● कुंडली में दूसरे स्थान में शुक्र राहु होने के कारण ज्वेल्लेरी की थोड़ी समस्या हो सकती है परिवार में ज्यादा जेवरात नहीं होते है और चांदी से जुड़े जेवर की चोरी हो सकती है या वो खो सकते है।

● कुंडली के दूसरे स्थान में शुक्र राहु की युति होने के कारण गृहस्त सुख में समस्या रहती है। ऐसे व्यक्ति की शादी में देरी होती है और शादी होने के बाद मैरिड लाइफ में समस्या रहती है।

● कुंडली के दूसरे स्थान में शुक्र राहु की युति होने के कारण परिवार में लग्ज़री वस्तुओ की कमी होती है। परिवार में धन की समस्या होती है। केश की कमी हो सकती है।


दूसरे स्थान में शुक्र राहु युति के उपाय

● दूसरे स्थान के मालिक को मजबूत करे। अपनी कुंडली में पता करे की दूसरे स्थान का मालिक कौन सा ग्रह है और उस ग्रह के जाप करे।

● शुक्र के लिए प्रतिदिन सुबह शुक्र के मंत्र की एक माला का जाप जरूर करे ॐ शुं शुक्राय नमः। प्रत्येक शुक्रवार व्रत करे।

● शुक्र को मजबूत करने के लिए ज्योतिषी की सलाह पर शुक्र का रत्न ओपल या डायमंड धारण कर सकते है।

● शुक्र को मजबूत करने के लिए शुक्रवार के दिन सफेद रंग के कपड़े पहले और खीर का सेवन करे। परफ्यूम का प्रयोग करे।

● राहु की शांति के लिए प्रतिदिन सुबह पक्षियों को सतनाज जरूर खिलाए।

● राहु के मंत्र का जाप करे ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम:।  



ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा
 
 

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