जिस प्रकार राशि व ग्रहो का हमारे शरीर पर पूरा प्रभाव होता है उसी प्रकार नक्षत्रो का भी हमारे शरीर के विभिन्न अंगो पर पूर्ण रूप से प्रभाव पड़ता है. जैसे मेष राशि से सिर, वृष से मुख प्रभावित होता है उसी प्रकार २७ नक्षत्र भी हमारे शरीर के विभिन्न अंगो को प्रभावित करते है. जब इन नक्षत्रो पर कोई भी पापी ग्रह भ्रमण करता है तो जो नक्षत्र हमारे शरीर के जिस अंग को प्रभावित करता है वही अंग उस समय सबसे ज्यादा पीड़ा में होता है. हमारे शरीर के अंगो पर नक्षत्रो का निम्न प्रकार से प्रभाव होता है. नक्षत्र अंगो पर प्रभाव १. कृतिका सिर २. रोहिणी मस्तिष्क व माथा ३. मृगशिरा भौहें ४. आद्रा आँखे ५. पुर्नवसु नाक ६. पुष्य मुख व होंठ ७. आश्लेषा कान ८. मघा ठोढ़ी ९. पूर्वा फाल्गुनी दायां हाथ १०. उत्तरा फाल्गुनी बायां हाथ ११. हस्त उँगलियाँ १२. चित्रा गर्दन १३. स्वाति छाती १४. विशाखा हृदय १५. अनुराधा उदर, लिवर १६. ज्येष्ठा अमाश्य, पेट १७. मूल कांख १८. पूर्वाषाढ़ा पीठ, पटठे १९. उत्तराषाढ़ा रीढ़ की हड्डी २०. श्रवण हिप्स, कमर २१. घनिष्ठा गुदाद्वार २२. शतभिषा दायीं जांघ २३. पूर्वाभाद्रपद बायीं जांघ २४. उत्तराभाद्रपद पिंडलियाँ २५. रेवती टखने २६. अश्वनी पाँव के ऊपरी भाग २७. भरनी पाँव के तलवें पर