Date : 2022-09-19
- सप्तम भाव में मंगल होने के कारण मांगलिक दोष भी बनता है। इसके कारण शादी में देरी और रूकावट के योग बनते है।
- सप्तम भाव में मंगल होने के कारण जीवन साथ के साथ मतभेद और झगड़े की स्थिति रहती है।
- सप्तम भाव में मंगल का होना अच्छा नहीं है इसके कारण गृहस्त सुख में कमी रहती है। गृहस्त जीवन थोड़ा कष्टदायक होता है।
- सप्तम भाव में मंगल होने के कारण जीवन साथ का स्वभाव गुस्से वाला और चिड़चिड़ा होता है। मन परेशान रहता है।
- सप्तम भाव में मंगल होने के कारण ऐसे जातक का स्वयं का स्वभाव भी गुस्से वाला होता है।
- जिस व्यक्ति की कुंडली में सप्तम भाव में मंगल होगा उसकी आँखों में समस्या हो सकती है।
- सप्तम भाव में मंगल होने के कारण टेक्निकल फील्ड में कार्य करने के योग बनते है।
- सप्तम भाव में मंगल होने के कारण परिवार में मतभेद और झगड़े की स्थिति उत्पन्न होती है।
- सप्तम भाव में मंगल होने के कारण सिर या माथे पर चोट लगने की सम्भावना रहती है।
- सप्तम भाव में मंगल होने के कारण ऐसे जातक की वाणी थोड़ी कठोर होती है। ऐसा जातक दूसरो को गलत बोलता है।
- सप्तम भाव में मंगल होने के कारण परिवार में व्यर्थ के खर्चे अधिक होते है। धन खर्च का कोई न कोई कारण बन ही जाता है।
- सप्तम भाव में मंगल चाहे वक्री हो या नीच का हो या सामान्य हो शादी में देरी के योग बनते है और शादी के बाद पति पत्नी के बीच तनाव की स्थिति रहती है। इसलिए शादी से पहले मांगलिक दोष की शांति करवानी चाहिए और कुंडली मिलाकर सिर्फ मांगलिक से ही शादी करनी चाहिए।
सप्तम भाव में स्थिति मंगल के उपाय
- घर में ब्राह्मण को बुलाकर मांगलिक दोष की शांति की पूजा करवाए।
- प्रतिदिन सुबह मंगल के मंत्र की एक माला का जाप जरूर करे ॐ क्रां क्रीं क्रों सः भौमाय नमः।
- प्रतिदिन शाम को हनुमान चालीसा का पाठ करे।
- मंगल के लिए आप बजरंगबाण का पाठ भी कर सकते है।
- प्रत्येक मंगलवार हनुमान मंदिर जाकर प्रसाद चढ़ाए।
ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा
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