पुत्र प्राप्ति के लिए कब गर्भ धारण करना चाहिए

Date : 2023-04-01

पुत्र प्राप्ति के लिए कब गर्भ धारण करना चाहिए



भारतीय संस्कृति में पुत्र का विशेष महत्व बताया गया है क्योकि पुत्र वंश को आगे बढ़ाता है लेकिन पुत्र और पुत्री दोनों ही बराबर होते है आधुनिक युग में पुत्र और पुत्री दोनों ही समान है और अगर दोनों को समान अवसर दिए जाए तो दोनों ही अपने जीवन में सफलता प्राप्त करते है और अपने परिवार का नाम रोशन करते है। इसलिए पुत्र और पुत्री दोनों ही बराबर होते है। इसलिए पुत्र और पुत्री में कभी भी भेद नहीं करना चाहिए। दोनों को समान मानना चाहिए और दोनों को ही लाइफ में आगे बढ़ने के समान अधिकार और समान अवसर प्रदान करने चाहिए। आधुनिक युग में देखा गया है की लड़कियां लड़को से अधिक सफलता अर्जित कर रही है जिन माता पिता ने अपनी पुत्रियों को अपने पुत्र के बराबर अधिकार और अवसर दिए है उन लड़कियों ने अपने जीवन में अनेक उपलब्धियां प्राप्त की है और अपने माता पिता का नाम रोशन किया है। इसलिए अभी माता पिता को अपनी पुत्री को भी अपने पुत्रो के बराबर अधिकार और अवसर देने चाहिए। आयुर्वेद ग्रंथो में पुत्र प्राप्ति के लिए गर्भधान का तरीका बताया गया है।


पुत्र प्राप्ति के लिए गर्भधारण का समय

* पुत्र प्राप्ति के लिए शुक्ल पक्ष की रात्रि को गर्भधारण करना चाहिए। आप शुक्ल पक्ष की छठी, आठवी, दसवीं, बारहवीं रात्रि को संबंध बना सकते है। इस दौरान आपको बिलकुल भी खटाई नहीं खानी हैं। जैसे ही महिला गर्भधारण करती हैं। उसे बछड़े वाली गाय का दूध पिलाना शुरू करे. यह उपाय करने से अवश्य ही पुत्र प्राप्ति होती हैं।

* पुत्र प्राप्ति के स्त्री तथा पुरुष दोनों को ही प्रोटीन से भरपूर फल खाना चाहिए। प्रोटीन से भरपूर फल खाने से पुत्र प्राप्ति में मदद मिलती है।

* महिला के मासिक धर्म के आठवें दिन संबंध बनाने से अवश्य ही पुत्र की प्राप्ति होती हैं और पुत्र ऐश्वर्यशाली होता है।

* महिला के मासिक धर्म के दसवीं रात को सम्बन्ध बनाने से गर्भ से चतुर पुत्र का जन्म होता है।

* महिला के मासिक धर्म के बारहवीं रात्रि में सम्बन्ध बनाने से गर्भ से पुरुषोत्तम पुत्र जन्म लेता है।

* महिला के मासिक धर्म के चौदहवीं रात्रि के गर्भ से उत्तम पुत्र का जन्म होता है।

* महिला के मासिक धर्म के सोलहवीं रात्रि के गर्भ से सर्वगुण संपन्न, पुत्र पैदा होता है।


पुत्र प्राप्ति के उपाय

* प्रत्येक वीरवार व्रत करे। प्रतिदिन सुबह बृहस्पति के मंत्र की एक माला का जाप जरूर करे ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः।

* पुत्र प्राप्ति के लिए पुखराज रत्न धारण करे।

* पुत्र प्राप्ति के लिए संतान गोपाल मंत्र का जाप करे ऊं देवकी सुत गोविंद वासुदेव जगत्पते । देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गत:।

* पुत्र प्राप्ति के लिए गोपाल सतनाम का पाठ भी करे।

* पुत्र प्राप्ति के लिए गोपाल चालीसा का पाठ भी करे।

 

 

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