Date : 2023-03-30
पुखराज रत्न धनु और मीन राशि वालो को धारण करना चाहिए। इसके अलावा लग्न के अनुसार भी पुखराज रत्न धारण किया जाता है। मेष लग्न, कर्क लग्न, सिंह लग्न, धनु लग्न, मीन लग्न की कुंडली वालो को भी पुखराज रत्न धारण करना चाहिए। पुखराज रत्न धारण करने के क्या फायदे होते है इसकी चर्चा इस ब्लॉग में करेंगे।
पुखराज रत्न के फायदे
- पुखराज रत्न बृहस्पति का रत्न होता है इसलिए पुखराज रत्न धारण करने से बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है।
- बृहस्पति ग्रह संतान, धन, परिवार, भाग्य के कारक होते है इसके अलावा बृहस्पति पेट और पाचन शक्ति के कारक होते है और बृहस्पति वजन के कारक भी होते है।
- बृहस्पति का रत्न पुखराज धारण करने से धन प्राप्ति के योग बनते है। धन आने के योग बनते है। धन में वृद्धि होती है।
- बृहस्पति का रत्न पुखराज धारण करने से शरीर का वजन अच्छा होता है। शरीर का वजन हाइट के अनुसार अच्छा होता है। पुखराज धारण करने वाला व्यक्ति अंडर वेट या ओवर वेट नहीं होता है।
- बृहस्पति का रत्न पुखराज धारण करने से पारिवारिक सुख में वृद्धि होती है। परिवार में सुख समृद्धि आती है। परिवार का माहौल अच्छा होता है। परिवार में तरक्की के योग बनते है।
- बृहस्पति का रत्न पुखराज धारण करने से पेट से सम्बंधित समस्या नहीं होती है। पुखराज धारण करने से व्यक्ति का पेट अच्छा होता है। ऐसे व्यक्ति को भूख भी अच्छी लगती है।
- बृहस्पति का रत्न पुखराज धारण करने से पाचन शक्ति अच्छी होती है। अगर किसी व्यक्ति को पाचन तंत्र से जुडी समस्या हो तो किसी ज्योतिषी के सलाह लेकर ऐसे व्यक्ति को पुखराज धारण करना चाहिए।
- बृहस्पति का रत्न पुखराज धारण करने से संतान सुख में वृद्धि होती है। संतान प्राप्ति में आ रही रूकावट दूर हो जाती है और संतान सुख प्राप्त होता है। संतान को तरक्की भी प्राप्त होती है।
- बृहस्पति का रत्न पुखराज धारण करने से पढ़ाई में सफलता प्राप्त होती है। बच्चे का मन पढ़ाई में लगने लगता है और पढ़ाई में अच्छे रिजल्ट प्राप्त होते है। उच्च शिक्षा प्राप्त होती है।
- बृहस्पति का रत्न पुखराज धारण करने से भाग्य में वृद्धि होती है। मेहनत के अनुसार भाग्य का साथ प्राप्त होता है। लाइफ में तरक्की के योग बनते है। भाग्य उदय होने के योग बनते है।
- बृहस्पति का रत्न पुखराज धारण करने से लिवर से जुडी समस्या भी समाप्त होती है। अगर किसी व्यक्ति को लिवर से जुडी समस्या हो तो ऐसे व्यक्ति को किसी ज्योतिषी की सलाह पर पुखराज रत्न धारण करना चाहिए।
- बृहस्पति का रत्न पुखराज धारण करने से शुगर भी कण्ट्रोल में रहता है। अगर किसी व्यक्ति को शुगर की समस्या हो तो ऐसे व्यक्ति को किसी ज्योतिषी की सलाह पर पुखराज रत्न धारण करना चाहिए।
- बृहस्पति का रत्न पुखराज धारण करने से महिलाओ को गृहस्त सुख प्राप्त होता है। अगर किसी लड़की की शादी में रूकावट आ रही है तो ऐसी लड़की को किसी ज्योतिषी की सलाह पर पुखराज रत्न धारण करना चाहिए।
- बृहस्पति का रत्न पुखराज धारण करने से महिलाओ को मैरिड लाइफ में चल रही समस्या से छुटकारा प्राप्त होता है और मैरिड लाइफ ठीक रहती है।
- बृहस्पति ग्रह वाणी के कारक भी होते है इसलिए बृहस्पति का रत्न पुखराज धारण करने से वाणी अच्छी होती है।
पुखराज रत्न धारण करने की विधि
- पुखराज रत्न शुक्ल पक्ष के वीरवार को सुबह 6 बजे से सुबह 7 बजे के बीच धारण करना चाहिए।
- पुखराज धारण करने से पहले 10 मिनट तक पुखराज रत्न को कच्चे दूध और गंगाजल के मिश्रण में एक कटोरी में डालकर रखे और 10 मिनट बाद कटोरी से निकालकर पुनः गंगाजल से धोखकर शुद्ध कर ले।
- अपने घर के मंदिर में धुप दीप जलाकर बृहस्पति के मंत्र का 108 बार जाप करे ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः। इसके बाद अपने सीधे हाथ की तर्जनी ऊँगली में पुखराज रत्न धारण करे।
ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा
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