Date : 2022-12-08
पितृ पक्ष क्यों मनाते है
हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार किसी की मृत्यु के बाद उस व्यक्ति का श्राद्ध किया जाता है जो की बहुत जरूरी होता है। इसलिए पितृ पक्ष का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है और इस दौरान 15 दिनों तक लोग अपने पितरों तक का श्राद्ध करते हैं। मान्यता है यदि विधि विधान से पितरों का श्राद न किया जाए तो उनको मुक्ति प्राप्त नहीं होती है। श्राद्ध करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है। यदि पितरों का श्राद्ध न किया जाए तो वह नाराज हो जाते हैं.
पितृ पक्ष में क्या करे
पितृ पक्ष में श्राद्ध कर्म किया जाता है। श्राद्ध कर्म में पिंडदान, तर्पण, दान, ब्राह्मण भोजन और पंचबलि कर्म किया जाता है। श्राद्ध पक्ष पितरों को प्रसन्न करने और उनकी मुक्ति के लिए होता है। इस पक्ष में पितृदोष से मुक्ति पायी जा सकती है।
पितर पक्ष में क्या क्या नहीं करना चाहिए
- पितृ पक्ष में मांस, मदिरा, अंडा, शराब बीड़ी, सिगरेट आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।
- पितृ पक्ष के दौरान चना या फिर चने से बनी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।
- पितृ पक्ष में पितरों को भी श्राद्ध में चने की दाल, चने और चने से बना सत्तू आदि का उपयोग अशुभ माना जाता है।
पितृ दोष के लक्षण
- परिवार में अचानक दुर्घटना होना।
- परिवार में बीमारियां लगे रहना।
- परिवार में विकलांग या अनचाहे बच्चे का जन्म होना।
- गर्भ धारण न होना। संतान प्राप्ति में रूकावट आना।
- परिवार के किसी सदस्य का विवाह न होना।
- परिवार के सदस्यों में बुरी आदतों की लत लग जाना।
- परिवार में हर समय किसी न किसी बात को लेकर झगड़ा होना।
- परिवार में वंश वृद्धि न होना।
पितरो को प्रसन्न करने के लिए उपाय
- पितृ पक्ष में पूर्वजों के निमित्त विधि विधान से तर्पण और श्राद्ध करें।
- पितृ पक्ष शांति के लिए रोजाना दोपहर के समय पीपल के पेड़ की पूजा करें।
- पितृ पक्ष में रोजाना घर में शाम के समय दक्षिण दिशा में तेल का दीपक लगाएं।
- ब्राह्मण को भोजन करवाए।
- पितृसूक्त का पाठ करे।
ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा
2021-02-11
2021-02-12
2021-02-12
2021-02-12
Copyright © 2022 Astrologermaheshsharma.com . All Rights Reserved.