पितृ दोष के सरल उपाय

Date : 2023-04-16

पितृ दोष के सरल उपाय

जब कुंडली में राहु केतु लग्न, तीसरे, चौथे, पांचवे और सातवे स्थान में होते है तो पितृ दोष का निर्माण होता है। पितृ दोष के कारण कई प्रकार की समस्या उत्पन्न होती है जैसे शादी में समस्या, करियर में समस्या, व्यापार में समस्या, धन की समस्या, पारिवारिक समस्या, स्वास्थ्य सम्बंधित समस्या, लड़ाई झगड़े, कोर्ट केस जैसी समस्या उत्पन्न होती है। इन समस्याओ को समाप्त करने के लिए पितृ दोष का निवारण करना आवश्यक होता है।


पितृ दोष के उपाय

* पितृ दोष के निवारण के लिए सबसे बड़ा उपाय है पितृ गायत्री मंत्र का सवा लाख की संख्या में ब्राह्मण द्वारा जाप करवाना। पितृ गायत्री मंत्र है  ॐ पितृगणाय विद्महे जगत धारिणी धीमहि तन्नो पितृो प्रचोदयात्।

* प्रतिदिन कुलदेवता इष्ट देवता की पूजा करने से भी पितृ दोष की शांति होती है। इसलिए आप पितृ दोष की शांति के लिए इस उपाय का सहारा ले सकते है।

* कुंडली में पितृदोष होने से किसी गरीब कन्या का विवाह करवा सकता है इससे भी पितृ दोष की शांति होती है।

* ब्राह्मणो को गोदान करना से भी पितृ दोष की शांति होती है।

* गरीबो के लिए वस्त्र, अन्न और जल की व्यवस्था करने से भी पितृ दोष की शांति होती है।

* ब्राह्मणो को भोजन करवाने से भी पितृ दोष की शांति होती है।

* पीपल का पेड़ लगाने और उसकी देखभाल करने से भी पितृ दोष का प्रभाव कम होता है।

* पितृ पक्ष में रोजाना घर में शाम के समय दक्षिण दिशा में तेल का दीपक लगाएं।

* पितरों को प्रसन्न करने के लिए पीपल में गंगाजल में काले तिल, दूध, अक्षत और फूल चढ़ाए।

* राहु केतु के प्रभाव के कारण कुंडली में पितृ दोष का निर्माण होता है इसलिए राहु केतु की शांति के लिए प्रतिदिन सुबह पक्षियों को सतनाज खिलाए। इससे भी पितृ दोष के प्रभाव में कमी आती है।




ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा
 
 

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