Date : 2023-01-11
मेष लग्न
मेष लग्न के मालिक मंगल ग्रह होते है। यह चर लग्न हैं। यह अग्नि तत्व तथा विषम राशि की लग्न हैं। मेष लग्न के जातक थोड़े गुस्से वाले स्वभाव के होते है। मेष लग्न के जातक के अंदर धैर्य की थोड़ी कमी होती है मेष लग्न के जातक कार्यो में जल्दबाज़ी करते है। जल्दीबाज़ी में गलत फैसले ले लेते है। मेष लग्न के जातक मेहनती होते है। मेष लग्न के जातक आशावादी होते है। मेष लग्न के जातक सामान्य हाइट के होते है। मेष लग्न के जातक पुलिस, आर्मी, बिजली से सम्बंधित, टेक्निकल फील्ड से सम्बंधित क्षेत्र में अधिक सफल होते है। मेष लग्न के मालिक मंगल होते है जो मकर राशि में उच्च के होते है और कर्क राशि में नीच के होते है। मेष लग्न वालो को टेक्निकल फील्ड से सम्बंधित शिक्षा में लाभ होता है। मेष लग्न वालो को सुन्दर और फैशनेबल लाइफ पार्टनर मिलता है। इनके पार्टनर को फैशन और सुख साधन की वस्तुओ पर धन खर्च करना पसंद होता है। इनके पार्टनर रोमेंटिक नेचर के होते है। मेष लग्न वालो को अधिक धन खर्च करना पसंद होता है। मेष लग्न वाले धार्मिक भी होते है।
मेष लग्न के लिए शुभ और कारक ग्रह
मेष लग्न में मंगल लग्न के मालिक होते है इसलिए मेष लग्न में मंगल कारक और शुभ ग्रह है। मेष लग्न में चन्द्रमा चौथे स्थान के मालिक होते है चौथा स्थान प्रॉपर्टी, वेहिकल, माता का होता है इसलिए मेष लग्न में चन्द्रमा भी शुभ और कारक ग्रह है। मेष लग्न में सूर्य पंचम भाव के मालिक होते है और पंचम भाव संतान, पढ़ाई, मित्र, प्लानिंग, पेट का होता है और सूर्य लग्नेश मंगल के मित्र भी होते है इसलिए मेष लग्न में सूर्य भी कारक और शुभ ग्रह होता है। मेष लग्न में बृहस्पति भाग्य के मालिक होते है और बृहस्पति लग्नेश मंगल के मित्र भी होते है इसलिए मेष लग्न में बृहस्पति भी शुभ और कारक ग्रह होते है। अतः मेष लग्न वालो को मंगल, चन्द्रमा, सूर्य और बृहस्पति ग्रह के रत्न धारण करने से लाभ होता है और इन ग्रहो के उपाय भी करने चाहिए।
मेष लग्न में अशुभ और अकारक ग्रह
मेष लग्न में शुक्र सप्तम भाव और दूसरे स्थान के मालिक होते है सप्तम भाव मारकेश होता है और शुक्र लग्नेश मंगल के शत्रु भी है इसलिए मेष लग्न में शुक्र अकारक ग्रह होते है। मेष लग्न में बुध तीसरे स्थान और छठे स्थान के मालिक होते है तीसरा स्थान भी मारक होता है और तीसरा स्थान भागदौड़ और मेहनत का होता है और छठा स्थान रोग, ऋण और शत्रु का होता है इसलिए बुध मेष लग्न में अशुभ ग्रह होते है और बुध लग्नेश मंगल के शत्रु भी होते है इसलिए मेष लग्न में बुध अशुभ और अकारक ग्रह होते है इसके दान करने चाहिए। शनि मेष लग्न में लग्नेश मंगल के शत्रु होते है इसलिए शनि भी मेष लग्न में अकारक ग्रह होते है। अतः मेष लग्न में बुध, शुक्र शनि अकारक ग्रह होते है। इनके रत्न मेष लग्न वालो को धारण नहीं करने चाहिए।
मेष लग्न वालो के लिए उपाय
- मेष लग्न वालो को अच्छे स्वास्थ्य और मान सम्मान में वृद्धि के लिए मंगल का रत्न मूंगा धारण करना चाहिए। मगंल का व्रत भी कर सकते है।
- मेष लग्न वालो को भाग्य में वृद्धि के लिए और लाइफ में तरक्की के लिए अपने भाग्य के मालिक बृहस्पति का रत्न पुखराज धारण करना चाहिए। बृहस्पति के जाप भी कर सकते है ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः।
- मेष लग्न वालो को पढ़ाई, संतान, लव अफेयर और प्लानिंग को सफल बनाने के लिए सूर्य का रत्न माणिक धारण करना चाहिए। सूर्य के लिए सूर्य आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ भी कर सकते है।
- मेष लग्न वालो को प्रॉपर्टी, वेहिकल का सुख प्राप्त करने के लिए चन्द्रमा का रत्न मोती धारण करना चाहिए। चन्द्रमा के जाप भी कर सकते है ॐ सोम सोमाय नमः। चन्द्रमा के जाप शाम के समय किये जाते है।
- मेष लग्न में बुध रोग, ऋण, शत्रु, मेहनत और भागदौड़ के मालिक है इसलिए मेष लग्न में बुध के दान करने चाहिए इसके लिए प्रत्येक बुधवार गाय को पालक या हरा चारा खिलाए।
- मेष लग्न में राहु केतु की शांति के लिए प्रतिदिन सुबह पक्षियों को सतनाज जरूर खिलाए। इससे राहु केतु के दुष्प्रभाव प्राप्त नहीं होते है।
- मेष लग्न वालो को अच्छी मैरिड लाइफ के लिए और धन संचय के लिए शुक्र के जाप करने चाहिए ॐ शुं शुक्राय नमः। शुक्र के जाप सुबह के समय किये जाते है। शुक्रवार का व्रत भी कर सकते है।
- मेष लग्न वालो को करियर में तरक्की के लिए और धन लाभ और अच्छी इनकम के लिए शनि के जाप करने चाहिए। इसके लिए प्रतिदिन शाम को सरसो के तेल का दीपक जलाकर उसके सामने नीले कपड़े के आसन पर बैठकर शनि के मंत्र की एक माला का जाप जरूर करे ॐ प्रां प्रीं प्रों सः शनेश्चराय नमः। प्रत्येक शनिवार शनि देव पर सरसो का तेल चढ़ाए।
ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा
2021-02-11
2021-02-12
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