Date : 2022-12-04
प्रथम भाव में सूर्य
मेष लग्न की कुंडली के पहले स्थान सूर्य होने से संतान सुख अच्छा प्राप्त होता है। ऐसे जातक की हाइट अच्छी होती है। ऐसे जातक को हायर एजुकेशन प्राप्त होती है। लव अफेयर में सफलता प्राप्त होती है। अच्छे मित्र बनते है ऐसा जातक कॉंफिडेंट होता है। मैरिड लाइफ में समस्या रहती है। ऐसे जातक की प्रत्येक प्लानिंग सफल होती है।
दूसरे भाव में सूर्य
मेष लग्न की कुंडली के दूसरे स्थान में सूर्य होने कारण हायर एजुकेशन प्राप्त होती है। घर से दूर भी हायर एजुकेशन के योग बनते है। संतान के माध्यम से धन प्राप्त होता है। आंखे कमजोर होती है ऐसे जातक की वाणी थोड़ी कठोर और रोबदार होती है। ऐसे जातक को मित्रो से भी लाभ होता है लेकिन मित्रो से मतभेद रहते है। संतान के तरक्की करने के योग बनते है।
तीसरे भाव में सूर्य
मेष लग्न की कुंडली के तीसरे स्थान में सूर्य होने कारण पढ़ाई में मेहनत ज्यादा करनी पड़ती है मेहनत करके पढ़ाई में सफलता प्राप्त होती है। अच्छे और शिक्षित मित्र बनते है। ऐसा जातक हिम्मत वाला और पराक्रमी होता है। मेहनत से भाग्य उदय होता है। धार्मिक यात्रा होती है। लव अफेयर में सफलता प्राप्त होती है। संतान के पैदा होने के बाद भाग्य उदय होता है और संतान से लाभ प्राप्त होता है।
चौथे भाव में सूर्य
मेष लग्न की कुंडली के चौथे स्थान में सूर्य होने के कारण पढ़ाई में रूकावट आती है। संतान सुख भी देर से प्राप्त होता है। जन्म स्थान छूटने के योग बनते है जन्म स्थान से दूर सफलता प्राप्त होती है। मित्रो से लाभ नहीं होता है मित्र जरूरत पड़ने पर काम नहीं आते है। सरकारी नौकरी के योग बनते है। माता से मतभेद रहते है। लव अफेयर में असफलता प्राप्त होती है।
पांचवे भाव में सूर्य
मेष लग्न की कुंडली के पांचवे स्थान में सूर्य होने के कारण हायर एजुकेशन प्राप्त होती है। लव अफेयर में सफलता प्राप्त होती है। अच्छे मित्र बनते है संतान सुख अच्छा प्राप्त होता है। लाभ में रूकावट आने की सम्भावना रहती है। प्लानिंग सफल होती है।
छठे भाव में सूर्य
मेष लग्न की कुंडली के छठे स्थान में सूर्य होने के कारण पेट और पाचन क्रिया से सम्बंधित समस्या रहती है। संतान का भी स्वास्थ्य कमजोर रहता है। संतान से मतभेद की स्थिति रहती है। पढ़ाई में रूकावट आती है मेहनत के अनुसार पढ़ाई में रिजल्ट प्राप्त होने में रूकावट आती है आंखे कमजोर होने के योग बनते है। लव अफेयर में भी सफलता प्राप्त नहीं होती है। साइंस साइड से भी हायर एजुकेशन के योग बनते है। खर्चे अधिक होने के योग बनते है। लड़ाई झगड़े के योग बनते है शत्रुओ पर विजय प्राप्त होती है।
सातवे भाव में सूर्य
मेष लग्न की कुंडली के सातवे स्थान में सूर्य होने के कारण लव अफेयर में सफलता प्राप्त नहीं होती है लव अफेयर में धोखे के योग बनते है। बड़ी आयु में शुगर होने की सम्भावना रहती है। शादी में देरी होती है और शादी के बाद पति पत्नी के बीच मतभेद की स्थिति रहती है। ऐसे जातक की हाइट अच्छी होती है। पढ़ाई में रूकावट रहती है पढ़ाई में मेहनत के अनुसार सफलता प्राप्त नहीं होती है। लड़कियों को मिसकैरिज की सम्भावना रहती है। मित्रो से लाभ नहीं होता है मित्र अच्छे नहीं होते है।
आठवे भाव में सूर्य
मेष लग्न की कुंडली के आठवे स्थान में सूर्य होने के कारण पेट और पाचन क्रिया से सम्बंधित समस्या रहती है। लव अफेयर में सफलता प्राप्त नहीं होती है लव अफेयर में धोखे के योग बनते है। पढ़ाई में रूकावट रहती है पढ़ाई में मेहनत के अनुसार सफलता प्राप्त नहीं होती है। लड़कियों को मिसकैरिज की सम्भावना रहती है। मित्रो से लाभ नहीं होता है। आंखे कमजोर होने के योग बनते है। कब्ज की समस्या रहती है। संतान होने में देरी होती है। संतान से अच्छे रिलेशन नहीं होते है कम बच्चे होते है।
नोवे भाव में सूर्य
मेष लग्न की कुंडली के नोवे स्थान में सूर्य होने के कारण संतान सुख अच्छा प्राप्त होता है। संतान पैदा होने के बाद भाग्य उदय होता है। ऐसे जातक को हायर एजुकेशन प्राप्त होती है। लव अफेयर में सफलता प्राप्त होती है। अच्छे मित्र बनते है। ऐसे जातक की प्लानिंग सफल होती है। धार्मिक यात्रा के योग बनते है। ऐसा जातक के पिता को भी तरक्की प्राप्त होती है।
दसवे भाव में सूर्य
मेष लग्न की कुंडली के दसवे स्थान में सूर्य होने के कारण सरकारी नौकरी के योग बनते है। दफ्तर में सीनियर से अच्छे सम्बन्ध नहीं होते है। पिता से भी मतभेद रहने के योग बनते है। जन्म स्थान छूटने के योग बनते है। संतान सुख देर से प्राप्त होने के योग बनते है संतान से भी अच्छे सम्बन्ध नहीं होते है। कम बच्चे होते है। आंखे कमजोर होने के योग बनते है मित्रो से मतभेद रहते है। लव अफेयर में सफलता प्राप्त नहीं होती है। जन्म स्थान से दूर प्रॉपर्टी बनने के योग बनते है।
ग्यारवे भाव में सूर्य
मेष लग्न की कुंडली के ग्यारवे स्थान में सूर्य होने के कारण हायर एजुकेशन प्राप्त होने के योग बनते है। संतान के दूर जाने के योग बनते है संतान विदेश भी रह सकती है। संतान से थोड़े मतभेद रहते है। लव अफेयर में सफलता प्राप्त नहीं होती है। लव लाइफ में पार्टनर के साथ मतभेद रहते है। पेट और पाचन क्रिया से सम्बंधित समस्या की सम्भावना रहती है। आंखे कमजोर हो सकती है। प्लानिंग सफल होने में रूकावट रहती है।
बारवे भाव में सूर्य
मेष लग्न की कुंडली के बारवे स्थान में सूर्य होने के कारण पढ़ाई में रूकावट आती है पढ़ाई पूरी होने में रूकावट आती है। पढ़ाई में मन नहीं लगता है। पेट से सम्बंधित समस्या की सम्भावना रहती है। लव अफेयर टूट जाते है और लव अफेयर में धोखे के योग बनते है। संतान सुख देर से प्राप्त होने के योग बनते है संतान से अच्छे सम्बन्ध नहीं होते है। कम बच्चे होते है। आंखे कमजोर होने के योग बनते है मित्रो से मतभेद रहते है। घर से दूर भी हायर एजुकेशन प्राप्त कर सकते है। शत्रुओ पर विजय प्राप्त होने के योग बनते है।
ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा
2021-02-11
2021-02-12
2021-02-12
2021-02-12
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