Date : 2023-02-18
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य का अपना विशेष महत्व है। सूर्य ग्रहो का राजा होता है सूर्य की राशि सिंह होती है। सूर्य सिंह राशि के स्वामी होते है। सूर्य कुंडली में सरकारी नौकरी, उच्च पद, राजनीती सत्ता, हड्डी, आंख, ब्लड, पिता, मान सम्मान, आत्मबल, हार्ट और पेट के कारक होते है। इसलिए कुंडली में सूर्य का मजबूत होना बहुत जरूरी होता है। अगर कुंडली में सूर्य नीच का होगा तो कई प्रकार की समस्याए उत्पन्न होती है। सूर्य तुला राशि में नीच के होते है। सूर्य के नीच का होने के कारण लाइफ में अनेक प्रकार की समस्याए शुरू हो जाती है। इस ब्लॉग में हम सूर्य के नीच का होने से उत्पन्न वाली समस्याओ की चर्चा करेंगे।
नीच के सूर्य से होने वाली समस्याए
- कुंडली में सूर्य अगर नीच का हो तो कॉन्फिडेंस में कमी होती है आत्मबल कमजोर होता है। किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले मनोबल कमजोर होता है।
- कुंडली में सूर्य अगर नीच का हो तो पिता से सम्बन्ध अच्छे नहीं होते है। पिता से वैचारिक मतभेद होते है। पिता से सपोर्ट पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं होता है।
- कुंडली में सूर्य अगर नीच का हो तो आंखे कमजोर हो जाती है ऐसे व्यक्ति को आँखों से जुडी समस्या होती है। कम आयु में ही चश्मा लग जाता है।
- कुंडली में सूर्य अगर नीच का हो तो सरकारी कार्यो में रूकावट आती है। सरकारी अधिकारियो से भी सम्बन्ध अच्छे नहीं होते है। अगर ऐसा व्यक्ति सरकारी नौकरी में होता है तो उसके अपने सीनियर अधिकारियो से सम्बन्ध अच्छे नहीं होते है।
- कुंडली में सूर्य अगर नीच का हो तो शरीर में हड्डियों से जुडी समस्या होती है। हड्डियां कमजोर हो जाती है। हड्डियों में दर्द की शिकायत रहती है।
- कुंडली में सूर्य अगर नीच का हो तो शरीर अस्वस्थ्य रहता है। शरीर स्वस्थ्य नहीं होता है। स्वास्थ्य सम्बंधित समस्या उत्पन्न होती है।
- कुंडली में सूर्य अगर नीच का हो तो सिर दर्द की समस्या उत्पन्न होती है। सूर्य सिर के कारक भी होते है इसलिए सूर्य के नीच का होने के कारण सिर दर्द की समस्या होती है।
- सूर्य के नीच का होने के कारण शरीर में थकान उत्पन्न होती है। शरीर कमजोर होता है। शरीर में अकड़न बनी रहती है।
- सूर्य के नीच का होने के कारण बड़ी आयु में हार्ट से जुडी समस्या होती है इसलिए ऐसे व्यक्ति को ज्यादा ऑयली फ़ूड नहीं खाना चाहिए। अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए।
- कुंडली में सूर्य के नीच का होने के कारण पेट और पाचन क्रिया से सम्बंधित समस्या उत्पन्न होती है ऐसे व्यक्ति को बाहर का फ़ास्ट फ़ूड ज्यादा पचता नहीं है ऐसे व्यक्ति को पेट से सम्बंधित समस्या होती है।
- कुंडली में सूर्य के नीच का होने के कारण राजनीती में उन्नति होने में रूकावट रहती है अगर ऐसा व्यक्ति राजनीती में जाता है तो उसे राजनीती में संघर्ष अधिक करना पड़ता है राजनीती में उच्च पद प्राप्त नहीं होता है।
- कुंडली में सूर्य के नीच का होने के कारण सरकारी नौकरी लगने में समस्या रहती है सरकारी नौकरी में उच्च पद प्राप्त नहीं हो पाता है। इसलिए सरकारी नौकरी के लिए सूर्य का मजबूत होना आवश्यक होता है।
- अगर कुंडली में सूर्य नीच का होगा तो ऐसे व्यक्ति को मान सम्मान में पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं होता है। मान सम्मान में कमी रहती है। मेहनत का फल पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं होता है ऐसे व्यक्ति को मेहनत का क्रेडिट प्राप्त नहीं होता है।
सूर्य को मजबूत करने के उपाय
- प्रतिदिन सुबह सूर्य आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करे।
- प्रतिदिन सुबह सूर्य का ताम्बे के लोटे में लाल रोली डालकर जल चढ़ाए।
- प्रतिदिन अपने घर की पूर्व दिशा की सफाई जरूर करे। अपने घर की पूर्व दिशा को गन्दा ना होने दे।
- सूर्य को मजबूत करने के लिए माणिक रत्न भी धारण कर सकते है लेकिन इससे पहले अपने कुंडली का विश्लेषण भी करवाए।
- सूर्य को मजबूत करने के लिए एक मुखी रुद्राक्ष भी धारण करे। इससे सूर्य मजबूत होगा।
- सूर्य को मजबूत करने के लिए ताम्बे का कड़ा धारण करे।
ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा
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