Date : 2022-10-18
- कुंडली में लग्न में राहु होने पर व्यक्ति गलत संगत में रहता है और नशा करता है।
- कुंडली में दूसरे स्थान पर राहु की दृष्टि होने पर व्यक्ति नशा करता है।
- कुंडली में दूसरे स्थान में राहु होने पर भी व्यक्ति नशा करता है।
- कुंडली में दूसरे स्थान के मालिक के साथ राहु होने पर भी नशा करने के योग बनते है।
- कुंडली में दूसरे स्थान में शनि होने पर भी नशा करने के योग बनते है।
- कुंडली में दूसरे स्थान पर शनि की दृष्टि होने पर व्यक्ति नशा करता है।
- कुंडली में दूसरे स्थान के मालिक के साथ शनि होने पर भी नशा करने के योग बनते है।
- कुंडली में दूसरे स्थान के मालिक पर शनि की दृष्टि होने पर भी व्यक्ति नशा करता है।
- कुंडली में दूसरे स्थान के मालिक अगर शनि या राहु के नक्षत्र में हो तो भी नशा करने के योग बनते है।
- कुंडली में चौथा स्थान में राहु होने पर भी नशा करने के योग बनते है।
- कुंडली के बारवे स्थान में राहु होने पर भी नशा करने के योग बनते है।
- कुंडली में आठवे स्थान में राहु होने पर भी नशा करने के योग बनते है।
- कुंडली में आठवे स्थान में शनि होने पर भी नशा करने के योग बनते है।
- कुंडली में शुक्र राहु की युति होने पर भी नशा करने के योग बनते है।
- कुंडली में बृहस्पति केतु होने पर स्मोकिंग करने के योग बनते है।
- कुंडली के दूसरे स्थान में केतु होने पर स्मोकिंग करने के योग बनते है।
- कुंडली के दूसरे स्थान के मालिक के साथ केतु होने पर भी स्मोकिंग करने के योग बनते है।
- कुंडली में दूसरे स्थान में चंद्र शनि का विष दोष बना हुआ हो तो भी नशा करने के योग बनते है।
ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा
2021-02-11
2021-02-12
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