Date : 2023-03-06
कुंडली में सिविल सर्विस के योग
आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति अपने करियर में स्थिरता चाहता है जिसके लिए प्रत्येक नवयुवक सरकारी नौकरी के प्रयास करता है और सरकारी नौकरी की तैयारी करता है। सरकारी नौकरी में सिविल सर्विस को सबसे प्रतिष्ठित नौकरी माना जाता है। लेकिन प्रत्येक व्यक्ति सरकारी नौकरी की तैयारी तो करता है लेकिन सभी को सफलता प्राप्त नहीं होती है सभी व्यक्ति को सिविल सर्विस में सफलता प्राप्त नहीं होती है इसके पीछे कुंडली में मौजूद ग्रह होते है इस ब्लॉग में आज हम चर्चा करेंगे की कौन से ऐसे ग्रह योग होते है जो किसी व्यक्ति को सिविल सर्विस में सफलता प्रदान करते है इस ब्लॉग में आज हम जाएंगे की कैसे व्यक्ति आईएएस, आईपीएस बनते है।
सिविल सर्विस के ग्रह योग* दसवा स्थान करियर का होता है अगर दसवे स्थान में उच्च के सूर्य हो तो सिविल सर्विस में सफलता प्राप्त होती है।
* दसवा स्थान में शश योग नाम का पंचमहापुरुष राजयोग बन रहा हो तो सिविल सर्विस में सफलता प्राप्त होने के योग बनते है।
* दसवे स्थान में रुचक नाम का पंचमहापुरुष राजयोग बन रहा हो तो आईपीएस बनने के योग बनते है।
* दसवे स्थान और नोवे स्थान के मालिक का आपस में स्थान परिवर्तन हो और उनके साथ सूर्य बैठा हो तो सिविल सर्विस के योग बनते है।
* दसवे स्थान के मालिक अगर उच्च के हो और सूर्य भी साथ में हो तो सिविल सर्विस के मजबूत योग बनते है।
* दसवे स्थान के मालिक अगर उच्च के हो और मंगल भी साथ में है तो आईपीएस बनने के मजबूत योग बनते है।
* दसवे स्थान में उच्च के मंगल हो तो आईपीएस बनने के मजबूत योग बनते है। सिविल सर्विस में सफलता प्राप्त होती है।
* दसवे स्थान के मालिक कुंडली में केंद्र या त्रिकोण में मित्र राशि के हो और सूर्य भी साथ में हो तो सिविल सर्विस के मजबूत योग बनते है।
सिविल सर्विस में सफलता के उपाय* सिविल सर्विस में सफलता के लिए प्रतिदिन सुबह सूर्य आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करे।
* सिविल सर्विस में सफलता के लिए ज्योतिषी की सलाह पर माणिक रत्न धारण करे।
* सिविल सर्विस में सफलता के लिए एक मुखी रुद्राक्ष धारण करे। इससे सफलता के योग बनेंगे।
* सिविल सर्विस में सफलता के लिए प्रत्येक रविवार सूर्य भगवान का व्रत करे।
* सिविल सर्विस में सफलता के लिए प्रतिदिन सुबह सूर्य के मंत्र की एक माला का जाप जरूर करे ॐ घृणि सूर्याय नमः।
* सिविल सर्विस में सफलता के लिए सूर्य गायत्री मंत्र का जाप करे ऊँ आदित्याय विदमहे दिवाकराय धीमहि तन्नो सूर्यः प्रचोदयत।
ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा