Date : 2022-03-08
- कुंडली में छठा स्थान रोग, कर्ज, शत्रु, कोर्ट केस, मामा, मौसी का होता है। इसलिए कुंडली में छठा स्थान अशुभ स्थान माना जाता है।
- कुंडली में छठे स्थान में चंद्र राहु की युति हो तो स्वास्थ्य खराब रहता है कोई न कोई स्वास्थ्य सम्बंधित समस्या ऐसे जातक को लगी रहती है।
- कुंडली में छठे स्थान में चंद्र राहु की युति हो तो गले में इन्फेक्शन, गला खराब होना, कोल्ड, कफ की समस्या लगी रहती है।
- कुंडली में छठे स्थान में चंद्र राहु होने पर मानसिक तनाव की समस्या होने के योग बनते है ऐसे जातक का मन परेशान और उदास रहता है।
- कुंडली में छठे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर डिप्रेशन की समस्या होने की सम्भावना रहती है इसलिए ऐसे जातक को ज्यादा सोचना नहीं चाहिए और खुश रहने के प्रयास करने चाहिए।
- कुंडली में छठे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर जातक के मन में नकारात्मक विचार ज्यादा आते है ऐसा जातक नेगेटिव बाते ज्यादा सोचता है।
- कुंडली में छठे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर माता का भी स्वास्थ्य कमजोर रहता है माता को भी स्वास्थ्य सम्बंधित समस्या रहती है।
- कुंडली में छठे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर ऐसे जातक की आंखे कमजोर हो जाती है उसे चश्मा लगाना पड़ता है।
- कुंडली में छठे स्थान में चंद्र राहु की युति हो तो ऐसे जातक की माता इमोशनल नेचर की होती है।
- कुंडली में छठे स्थान में चंद्र राहु की युति हो तो ऐसे जातक की माता राजनीती में भी हो सकती है या सामाजिक कार्य करने वाली कार्यकर्ता भी हो सकती है।
- कुंडली में छठे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर माता को दांतो से जुडी समस्या होती है।
- कुंडली में छठे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर कोर्ट केस, वाद विवाद की सम्भावना रहती है इसलिए ऐसे जातक को बिना वजह के वाद विवाद से दूर रहने के प्रयास करने चाहिए।
- कुंडली में छठे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर राहु की महादशा में कर्ज या लोन की सम्भावना बनती है इसलिए ऐसे जातक को लोन या कर्ज लेने से बचने के प्रयास करने चाहिए।
- कुंडली में छठे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर मामा मौसी के सुख में भी कमी रहती है उनसे कोई प्रेम या सपोर्ट प्राप्त नहीं होता है।
- कुंडली में छठे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर शत्रु भी बनने के योग बनते है शत्रुओ के कारण भी मानसिक तनाव रहता है।
चंद्र राहु के उपाय
- चंद्र राहु की युति के लिए प्रतिदिन शाम को चन्द्रमा के मंत्र की एक माला का जाप जरूर करे ॐ सोम सोमाय नमः।
- प्रत्येक सोमवार शिवलिंग पर कच्चा दूध जरूर चढ़ाए।
- प्रत्येक सोमवार शिवलिंग पर कच्चा दूध जरूर चढ़ाए।
- प्रत्येक सोमवार शंकर भगवान का व्रत करे।
- राहु की शांति के लिए प्रतिदिन सुबह पक्षियों को सतनाज जरूर खिलाए
- राहु की शांति के लिए प्रत्येक महीने में एक मंगलवार या शनिवार के दिन कुष्ट रोगियों को घर का बना भोजन खिलाए।
- राहु की शांति के लिए राहु के बीज मंत्र का जाप करे। राहु का बीज मंत्र है : ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः। इस मंत्र का प्रतिदिन शाम को 108 बार जाप करे।
ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा
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