Date : 2022-02-28
कुंडली के सातवे स्थान में चंद्र राहु के फल
- कुंडली में सप्तम भाव मैरिड लाइफ का होता है। सप्तम भाव में पार्टनरशिप में बिज़नेस का भी होता है। सप्तम भाव में चंद्र राहु की युति के फल अलग अलग लग्न में अलग अलग होते है लेकिन सभी लग्नो में चंद्र राहु की युति के कुछ सामान्य फल सभी लग्नो में सामान होते है।
- कुंडली के सप्तम भाव में चंद्र राहु होने के कारण लाइफ पार्टनर शक्की स्वभाव का होता है।
- कुंडली के सप्तम भाव में चंद्र राहु होने के कारण लाइफ पार्टनर को मानसिक तनाव रहता है मन परेशान रहता है लाइफ पार्टनर को छोटी छोटी बातो पर चिंता करने की आदत होती है।
- कुंडली के सप्तम भाव में चंद्र राहु होने के कारण लाइफ पार्टनर को डिप्रेशन होने की सम्भावना रहती है।
- कुंडली के सप्तम भाव में चंद्र राहु होने के कारण लाइफ पार्टनर को स्वास्थ्य सम्बंधित समस्या भी रहती है।
- कुंडली के सप्तम भाव में चंद्र राहु होने के कारण पति पत्नी के बीच मतभेद और झगड़े की स्थिति रहती है मैरिड लाइफ में समस्या रहती है।
- कुंडली के सप्तम भाव में चंद्र राहु होने के कारण जातक को स्वयं को भी मानसिक तनाव रहता है।
- कुंडली के सप्तम भाव में चंद्र राहु होने के कारण शादी टूटने की सम्भावना भी रहती है।
- कुंडली के सप्तम भाव में चंद्र राहु होने के कारण विवाह भी देर से होता है अच्छे रिश्ते मिलने में समस्या आती है।
- कुंडली के सप्तम भाव में चंद्र राहु होने के कारण पार्टनरशिप में बिज़नेस करने पर भी समस्या रहती है।
- कुंडली के सप्तम भाव में चंद्र राहु होने के कारण पार्टनरशिप में बिज़नेस करने पर बिज़नेस अच्छा नहीं चलता है बिज़नेस में नुकसान होता है।
- कुंडली के सप्तम भाव में चंद्र राहु होने पर पार्टनरशिप में बिज़नेस करने पर बिज़नेस पार्टनर के साथ वाद विवाद और लड़ाई झगड़े की स्थिति रहती है।
- कुंडली के सप्तम भाव में चंद्र राहु होने पर पार्टनरशिप में बिज़नेस करने पर धोखा होता है और पार्टनरशिप टूट जाती है।
ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा
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