Date : 2022-03-10
- नोवा स्थान भाग्य, धर्म, अध्यात्म का होता है और नोवा स्थान लम्बी दूरी की यात्रा का भी होता है।
- कुंडली में चंद्र राहु के साथ बैठने के कारण ग्रहण दोष बनता है और जिस स्थान पर चंद्र राहु एक साथ ग्रहण दोष बना कर बैठते है उस स्थान को खराब करते है उस स्थान से जुड़े शुभ फल प्राप्त नहीं होते है उस स्थान के शुभ फलो में कमी आ जाती है।
- अगर कुंडली के नोवे स्थान में चंद्र राहु की युति होती है तो भाग्य में रूकावट रहती है प्रत्येक कार्य में रूकावट आती है कोई भी कार्य समय पर नहीं होता है प्रत्येक कार्य में बाधा आती है।
- अगर कुंडली के नोवे स्थान में चंद्र राहु की युति होती है तो धर्म और अध्यात्म में रूचि कमी होती है। पूजा पाठ में ज्यादा मन नहीं लगता है।
- अगर कुंडली में नोवे स्थान में चंद्र राहु की युति होती है तो पिता से सपोर्ट भी पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं होता है।
- अगर कुंडली के नोवे स्थान में चंद्र राहु की युति होती है तो मानसिक तनाव रहता है मन परेशान रहता है मन में नकारात्मक विचार आते है।
- अगर कुंडली के नोवे स्थान में चंद्र राहु की युति होती है तो राहु की दृष्टि लग्न पर रहेगी और लग्न से स्वभाव का विचार किया जाता है इसके कारण ऐसे व्यक्ति का स्वभाव थोड़ा जिद्दी और क्रूर होता है। उसके प्रत्येक कार्य में रूकावट रहती है।
- अगर कुंडली के नोवे स्थान में चंद्र राहु की युति होती है तो राहु की दृष्टि तीसरे स्थान पर रहेगी इससे भाई बहनो के साथ मतभेद की स्थिति रहेगी। पड़ोसियों के साथ भी मतभेद की स्थिति रहती है। मेहनत का फल प्राप्त नहीं होता है और मेहनत व्यर्थ हो जाती है।
- अगर कुंडली के नोवे स्थान में चंद्र राहु की युति होती है तो माता का स्वास्थ्य कमजोर रहता है माता भी थोड़ी जिद्दी स्वभाव की होती है।
- अगर कुंडली के नोवे स्थान में चंद्र राहु की युति होती है और राहु की दृष्टि पंचम भाव पर रहेगी। पंचम भाव संतान, मित्र, प्लानिंग, हायर एजुकेशन का होता है। राहु की दृष्टि पंचम भाव पर होने के कारण संतान सुख प्राप्त होने में बाधा आती है। हायर एजुकेशन में रूकावट आती है। पढ़ाई में समस्या आती है। प्लानिंग सफल होने में रूकावट रहती है। लव अफेयर में भी समस्या आने के योग बनते है।
- अगर कुंडली में नोवे स्थान में चंद्र राहु की युति होती है तो लम्बी दूरी की यात्रा में भी परेशानी आती है। विदेश जाने में रूकावट आती है।
चंद्र राहु ग्रहण दोष के उपाय
- चंद्र राहु ग्रहण दोष के लिए प्रतिदिन शाम को चन्द्रमा के मंत्र की एक माला का जाप जरूर करे ॐ सोम सोमाय नमः।
- चंद्र राहु ग्रहण दोष के लिए प्रत्येक सोमवार शिवलिंग पर कच्चा दूध जरूर चढ़ाए।
- चंद्र राहु ग्रहण दोष के लिए प्रतिदिन सुबह शिवलिंग पर जल चढ़ाए।
- चंद्र राहु ग्रहण दोष के लिए प्रतिदिन सुबह पक्षियों को सतनाज खिलाए।
- चंद्र राहु ग्रहण दोष के लिए प्रत्येक महीने में एक मंगलवार या शनिवार के दिन कुष्ट रोगियों को घर का बना भोजन खिलाए।
ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा
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