Date : 2022-03-11
- कुंडली में दसवा स्थान करियर का होता है और दसवा स्थान पिता का होता है और दसवा स्थान मान सम्मान का होता है।
- कुंडली में चन्द्रमा मन और मानसिकता के कारक होते है और राहु रूकावट और देरी के कारक होते है और राहु वाद विवाद के कारक भी होते है।
- कुंडली में अगर दसवे स्थान में चंद्र राहु का ग्रहण दोष बना हुआ है तो इसके कारण करियर में समस्या रहेगी। करियर में स्थिरता और तरक्की प्राप्त होने में रूकावट रहेगी।
- अगर कुंडली के दसवे स्थान में चंद्र राहु की युति है तो करियर में मेहनत के अनुसार उन्नति होने में रूकावट रहेगी। ऐसा जातक जितनी मेहनत करेगा उसके अनुसार उसे करियर में सफलता प्राप्त होने में रूकावट ही रहेगी।
- दसवे स्थान में चंद्र राहु होने के कारण बार बार जॉब चेंज करने के योग बनते है एक जॉब में तरक्की प्राप्त होने में रूकावट रहती है।
- कुंडली में दसवे स्थान में चंद्र राहु होने के कारण जन्म स्थान से दूर नौकरी करने के योग बनते है जन्म स्थान से दूर काम करने के योग बनते है।
- कुंडली में दसवे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर पिता से मतभेद की स्थिति रहती है। पिता से पूर्ण रूप से सपोर्ट प्राप्त नहीं होता है।
- कुंडली में दसवे स्थान में चंद्र राहु होने के कारण पिता को भी कार्य क्षेत्र और धन सम्बंधित समस्या आती है। पिता के लिए भी चंद्र राहु का दसवे स्थान में होना अच्छा योग नहीं है इसके कारण पिता को भी समस्या रहती है।
- कुंडली में दसवे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर ऐसे जातक को मानसिक तनाव रहता है ऐसे जातक को करियर को लेकर मानसिक तनाव रहता है उसका मन करियर के कारण दुखी रहता है। उसे करियर की चिंता रहती है।
- कुंडली में दसवे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर कार्य स्थल पर वाद विवाद की सम्भावना रहती है। ऑफिस में स्टाफ के साथ और सीनियर्स के साथ सम्बन्ध अच्छे नहीं होते है।
- कुंडली में दसवे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर धन सम्बंधित समस्या भी रहती है धन हानि के योग बनते है व्यर्थ के खर्चे अधिक होने के योग बनते है।
- कुंडली में दसवे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर परिवार में मतभेद की स्थिति रहती है परिवार वालो से सम्बन्ध अच्छे नहीं होते है।
- कुंडली में दसवे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर पूर्ण रूप से मान सम्मान प्राप्त नहीं होता है मान सम्मान में कुछ कमी रहती है।
- कुंडली में चंद्र राहु की युति होने पर माता के साथ भी मतभेद के योग बनते है माता से वैचारिक मतभेद होते है।
- कुंडली में दसवे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर माता को दांतो से सम्बंधित समस्या हो सकती है।
- कुंडली में चंद्र राहु की युति होने पर स्वयं को आँखों में परेशानी हो सकती है। आंखे ऐसे जातक की कमजोर हो जाती है।
चंद्र राहु ग्रहण दोष के उपाय
- - चंद्र राहु ग्रहण दोष के लिए प्रतिदिन शाम को चन्द्रमा के मंत्र की एक माला का जाप जरूर करे ॐ सोम सोमाय नमः।
- चंद्र राहु ग्रहण दोष के लिए प्रत्येक सोमवार शिवलिंग पर कच्चा दूध जरूर चढ़ाए।
- चंद्र राहु ग्रहण दोष के लिए प्रतिदिन सुबह शिवलिंग पर जल चढ़ाए।
- चंद्र राहु ग्रहण दोष के लिए प्रतिदिन सुबह पक्षियों को सतनाज खिलाए।
- चंद्र राहु ग्रहण दोष के लिए प्रत्येक महीने में एक मंगलवार या शनिवार के दिन कुष्ट रोगियों को घर का बना भोजन खिलाए।
ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा
2021-02-11
2021-02-12
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