कुंडली के चौथे स्थान में शनि के फल

Date : 2023-07-10

कुंडली के चौथे स्थान में शनि के फल



● मेष लग्न में चौथे स्थान में शनि होने के कारण करियर में स्थिरता और तरक्की प्राप्त होने में रूकावट रहती है। जन्म स्थान से दूर रहने के योग बनते है। इनकम में वृद्धि होने में रूकावट रहती है बीच बीच में इनकम का फ्लो रुकने के योग बनते है। मन परेशान और उदास रहता है। माता से मतभेद के योग बनते है।

● वृष लग्न में चौथे स्थान में शनि होने के कारण करियर में तरक्की के योग बनते है लेकिन ऑफिस में अपने सीनियर के साथ मतभेद के योग बनते है। प्रॉपर्टी बनने के योग बनते है माता से मतभेद के योग बनते है जन्म स्थान छूटने के योग बनते है। वेहिकल और सभी सुख साधन प्राप्त होने के योग बनते है।

● मिथुन लग्न में चौथे स्थान में शनि होने के कारण प्रॉपर्टी बनने के योग बनते है जन्म स्थान छूटने के योग बनते है अच्छी आयु के योग बनते है। वेहिकल सुख प्राप्त होने के योग बनते है।

● कर्क लग्न में चौथे स्थान में शनि होने के कारण शादी के बाद प्रॉपर्टी, वेहिकल और सभी सुख साधन प्राप्त होने के योग बनते है। जन्म स्थान से दूर सफलता प्राप्त होने के योग बनते है लम्बी आयु प्राप्त होने के योग बनते है।

● सिंह लग्न में चौथे स्थान में शनि होने के कारण कर्ज के योग बनते है। चेस्ट इन्फेक्शन के योग बनते है। जन्म स्थान छूटने के योग बनते है। माता से मतभेद के योग बनते है। स्वभाव जिद्दी होता है और स्वास्थ्य कमजोर होने की सम्भावना रहती है कार्य स्थल पर वाद विवाद के योग बनते है करियर में तरक्की प्राप्त होने में देरी होती है।

● कन्या लग्न में चौथे स्थान में शनि होने के कारण पढ़ाई में रूकावट आती है संतान सुख देर से प्राप्त होने के योग बनते है। संतान के दूर रहने के योग भी बनते है। कर्ज और लोन के माध्यम से प्रॉपर्टी बनने के योग बनते है। चेस्ट इन्फेक्शन, खांसी की बड़ी समस्या हो सकती है। कार्य स्थल पर वाद विवाद हो सकता है।

● तुला लग्न में चौथे स्थान में शनि होने के कारण शश योग बनता है इसके कारण प्रॉपर्टी, वेहिकल, सभी सुख साधन प्राप्त होने के योग बनते है उच्च शिक्षा के योग बनते है पुत्री संतान के योग बनते है। अच्छे और उच्च शिक्षित मित्र बनते है।

● वृश्चिक लग्न में चौथे स्थान में शनि होने के कारण स्वभाव जिद्दी होता है और लड़ाई झगड़े के योग बनते है। मेहनत से अपनी प्रॉपर्टी बनने के योग बनते है और वेहिकल सुख प्राप्त होने के योग बनते है। करियर में थोड़ी देर से सफलता प्राप्त होने के योग बनते है।

● धनु लग्न में चौथे स्थान में शनि होने के कारण पैतृक संपत्ति प्राप्त होने के योग बनते है। जन्म स्थान छूटने के योग बनते है अपनी प्रॉपर्टी बनने के योग बनते है। मेहनत से तरक्की प्राप्त होने के योग बनते है। स्वभाव थोड़ा जिद्दी होता है लड़ाई झगड़े के योग बनते है।

● मकर लग्न में चौथे स्थान में शनि होने के कारण अपनी मेहनत से अपना मकान बनने के योग बनते है। चेस्ट इन्फेक्शन, फेफड़ो से सम्बंधित समस्या के योग बनते है। मेहनत से करियर में तरक्की के योग बनते है। लड़ाई झगड़े के योग बनते है। माता से मतभेद के योग बनते है।

● कुम्भ लग्न में चौथे स्थान में शनि होने के कारण सुख साधन की वस्तुओ पर धन खर्च करने के योग बनते है। प्रॉपर्टी, वेहिकल और सभी सुख साधन प्राप्त होने के योग बनते है लाइफ में उन्नति करने के योग बनते है। मान सम्मान में वृद्धि होने के योग बनते है।

● मीन लग्न में चौथे स्थान में शनि होने के कारण एक से अधिक मकान बनने के योग बनते है एक से अधिक वेहिकल सुख प्राप्त होने के योग बनते है। जन्म स्थान से दूर सफलता प्राप्त होने के योग बनते है। जन्म स्थान से दूर काम करने के योग बनते है।



ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा 
 
 

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