Date : 2023-07-08
कुंडली में शनि ग्रह कर्म के कारक होते है और शनि ग्रह लाभ और इनकम के कारक भी होते है और शनि ग्रह हड्डी, नसे नाड़ी, सर्वाइकल जैसी बीमारी के कारक भी होते है और कुंडली में छठा स्थान लड़ाई झगड़े, शत्रु, कर्ज का भी होता है। शनि के छठे स्थान में होने के कई प्रकार के फल प्राप्त होते है। इस ब्लॉग में चर्च करेंगे की शनि के छठे स्थान में होने के क्या क्या फल प्राप्त होते है शनि के छठे स्थान में होने के फल इस बात पर भी निर्भर करते है की कुंडली किस लग्न की है। क्योकि अलग अलग लग्न की कुंडली में छठे स्थान में शनि के अलग अलग फल प्राप्त होते है। इस ब्लॉग में हम विभिन्न लग्नो के आधार पर शनि के छठे स्थान में फलो को जानेंगे।
छठे स्थान में शनि के फल
● मेष लग्न की कुंडली में छठे स्थान में शनि होने के कारण करियर में स्थिरता और तरक्की प्राप्त होने में रूकावट रहती है। करियर में मेहनत के अनुसार सफलता प्राप्त नहीं हो पाती है और कर्ज के योग भी बनते है लेकिन शत्रुओ पर विजय प्राप्त होती है। इनकम में वृद्धि होने में रूकावट रहती है। हड्डी, नसे नाड़ी से सम्बंधित समस्या, घुटनो और पैरो में समस्या के योग बनते है।
● वृष लग्न में छठे स्थान में शनि होने के कारण भाग्य उदय में रूकावट रहती है कर्ज के योग बनते है करियर में स्थिरता और तरक्की प्राप्त होने में रूकावट रहती है बड़ी आयु में हड्डी, नसे, नाड़ी में समस्या, कमर, कूल्हों में समस्या के योग बनते है।
● मिथुन लग्न की कुंडली में शनि के छठे स्थान में होने के कारण कब्ज, पाइल्स, एक्सीडेंट के योग बनते है। भाग्य उदय होने में रूकावट रहती है। मेहनत के अनुसार भाग्य का साथ प्राप्त नहीं होता है। कर्ज के योग बनते है कमर, कूल्हों में समस्या के योग बनते है। ससुराल पक्ष से लड़ाई झगड़े की स्थिति रहती है।
● कर्क लग्न में छठे स्थान में शनि होने के कारण शादी में देरी और रूकावट के योग बनते है शादी के बाद पति पत्नी के बीच लड़ाई झगड़े की स्थिति रहती है। कब्ज, पाइल्स, चोट एक्सीडेंट की सम्भावना रहती है। ससुराल वालो से लड़ाई झगड़े की स्थिति रहती है। रात को देर से नींद आने की समस्या हो सकती है विदेश से लाभ होने के योग बनते है।
● सिंह लग्न की कुंडली में छठे स्थान में शनि होने के कारण लड़ाई झगड़े में विज प्राप्त होती है कोर्ट केस में जीत प्राप्त होती है। शत्रु डरके रहते है। शादी में देरी और रूकावट के योग बनते है। भाई बहनो के साथ लड़ाई झगड़े की स्थिति रहती है। पड़ोसियों से लड़ाई झगड़े के योग बनते है। ससुराल पक्ष से भी लड़ाई झगड़े के योग बनते है। चाचा से लड़ाई झगड़े की स्थिति रहती है।
● कन्या लग्न की कुंडली में छठे स्थान मे शनि होने के कारण संतान देर से होने के योग बनते है पढ़ाई में भी समस्या आने की सम्भावना रहती है मेडिकल, लॉ से जुडी पढ़ाई कर सकते है। संतान का स्वास्थ्य कमजोर हो सकता है संतान से मतभेद की स्थिति रहती है। ससुराल पक्ष से लड़ाई झगड़े के योग बनते है। पड़ोसियों और भाई बहनो से सम्बन्ध अच्छे नहीं होते है। रात को देर से नींद आने की समस्या हो सकती है।
● तुला लग्न में छठे स्थान में शनि होने के कारण संतान प्राप्ति में देरी होती है और संतान होने के बाद संतान का स्वास्थ्य खराब रहता है। संतान के साथ मतभेद की स्थिति रहती है। प्रॉपर्टी से जुडी समस्या के योग बनते है प्रॉपर्टी से जुड़े वाद विवाद के योग बनते है। माता से मतभेद रहते है माता का स्वास्थ्य कमजोर रहता है। खुद को चेस्ट में इन्फेक्शन की समस्या हो सकती है। मन परेशान और अशांत रहता है।
● वृश्चिक लग्न की कुंडली में छठे स्थान में शनि होने के कारण छोटे भाई बहन से लड़ाई झगड़े की स्थिति रहती है। चेस्ट इन्फेक्शन होने के योग बनते है। हाथ में चोट लगने के योग बनते है। कान में रोग हो सकते है। पड़ोसियों से वाद विवाद हो सकते है। प्रॉपर्टी से जुड़ा वाद विवाद हो सकते है जन्म स्थान छूटने के योग बनते है चेस्ट इन्फेक्शन की समस्या हो सकती है।
● धनु लग्न में छठे स्थान में शनि होने के कारण कान के रोग होते है छोटी बहन नहीं हो पाती है। छोटे भाइयों से मतभेद की स्थिति रहती है। व्यर्थ के खर्चे अधिक होते है धन संचय में कमी रहती है परिवार में लड़ाई झगड़े की स्थिति रहती है। पैतृक संपत्ति को लेकर लड़ाई झगड़े की स्थिति रहती है। कर्ज के योग बनते है मुख के रोग होते है आंखे कमजोर होने के योग बनते है।
● मकर लग्न में छठे स्थान में शनि होने के कारण स्वास्थ्य अक्सर खराब रहता है। लड़ाई झगड़े और शत्रुओ के योग बनते है और शत्रुओ पर विजय प्राप्त होती है। कर्ज के योग बनते है पैरो और घुटनो में समस्या होती है कर्ज के योग बनते है पैतृक संपत्ति को लेकर वाद विवाद के योग बनते है। मुख के रोग हो सकते है। आंखे कमजोर हो सकती है।
● कुम्भ लग्न में छठे स्थान में शनि होने के कारण कर्ज के योग बनते है कोर्ट केस के योग बनते है स्वास्थ्य पर धन खर्च होने के योग बनतेहै स्वास्थ्य कमजोर रहता है लड़ाई झगड़े और वाद विवाद के योग बनते है भाई बहनो से अलगाव के योग बनते है। घुटनो के नीचे के हिस्से में समस्या होती है।
● मीन लग्न में छठे स्थान में शनि होने के कारण कर्ज के योग बनते है इनकम में वृद्धि होने में रूकावट रहती है कोर्ट केस की सम्भावना रहती है रात को देर से नींद आने के योग बनते है विदेश से लाभ होने के योग बनते है। बड़े भाई बहनो से लड़ाई झगड़े के योग बनते है। हड्डी नसे नाड़ी से सम्बंधित समस्या होती है।
ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा
2021-02-11
2021-02-12
2021-02-12
2021-02-12
Copyright © 2022 Astrologermaheshsharma.com . All Rights Reserved.