कुंडली के आठवे स्थान में चंद्र राहु की युति के क्या फल होते है और चंद्र राहु के लिए क्या उपाय करने चाहिए।

Date : 2022-03-09

कुंडली के आठवे स्थान में चंद्र राहु की युति के क्या फल होते है और चंद्र राहु के लिए क्या उपाय करने चाहिए।




- कुंडली में आठवा स्थान आयु, गुप्त रोग, अचानक धन हानि और अचानक धन प्राप्ति का होता है। आठवा स्थान जीवन साथी के धन संचय, जीवन साथी की आँखों का भी होता है और आठवा स्थान ससुराल का भी होता है। आठवा स्थान गुप्त विद्या का भी होता है।

- अगर कुंडली के आठवे स्थान में चंद्र राहु की युति होती है तो अचानक धन हानि के योग बनते है इसलिए ऐसे व्यक्ति को अपना धन बिना सोचे समझे कहीं भी इन्वेस्ट नहीं करना चाहिए।

- अगर कुंडली के आठवे स्थान में चंद्र राहु की युति होती है गुप्त रोग होने की सम्भावना रहती है जैसे कब्ज, पाइल्स, भगंदर आदि।

- कुंडली के आठवे स्थान में चंद्र राहु एक साथ हो तो जीवन साथी की आंखे कमजोर होती है जीवन साथी के चश्मा लगा होता है।

- कुंडली के आठवे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर ससुराल वालो से मतभेद और झगड़े के योग बनते है ससुराल वालो से सम्बन्ध अच्छे नहीं होते है।

- कुंडली के आठवे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर गुप्त विद्या में रूचि होती है जैसे ज्योतिष, तंत्र मंत्र।

- कुंडली के आठवे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर धन संचय में भी कमी रहती है परिवार से मतभेद की स्थिति रहती है। स्वयं की भी आंखे कमजोर होती है।

- कुंडली के आठवे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर मानसिक तनाव, डिप्रेशन की समस्या होती है। मन परेशान और अशांत रहता है।

- कुंडली के आठवे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर व्यर्थ के खर्चे अधिक होते है धन संचय में कमी रहती है। धन खर्च का कोई न कोई कारण बन जाता है व्यर्थ के खर्चे लगे रहते है।

- कुंडली के आठवे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर नींद से जुडी समस्या भी होती है क्योकि राहु की दृष्टि बारवे स्थान पर रहेगी और बारवा स्थान नींद का होता है इसलिए बारवे स्थान पर राहु की दृष्टि होने के कारण रात को देर से नींद आने की समस्या हो जाती है।

- कुंडली के आठवे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर माता का स्वास्थ्य कमजोर रहता है। माता को दांतो से सम्बंधित समस्या भी होती है।

- कुंडली के आठवे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर माता राजनीती में भी हो सकती है या माता सोशल एक्टिविस्ट भी हो सकती है।

- कुंडली के आठवे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर अपना स्वयं का मकान भी बनने में देरी और रूकावट के योग बनते है क्योकि राहु की दृष्टि चौथे स्थान पर रहेगी और चौथा स्थान प्रॉपर्टी का होता है इसलिए चौथे स्थान पर राहु की दृष्टि होने के कारण अपना मकान बनने में देरी के योग बनते है।

- कुंडली के आठवे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर जन्म स्थान से दूर रहने के योग बनते है जन्म स्थान से दूर सफलता प्राप्त होती है।

- कुंडली के आठवे स्थान में चंद्र राहु की युति होने पर जन्म स्थान से दूर कार्य करने के योग भी बनते है।


चंद्र राहु के उपाय

- चंद्र राहु ग्रहण दोष के लिए प्रतिदिन शाम को चन्द्रमा के मंत्र की एक माला का जाप जरूर करे ॐ सोम सोमाय नमः।

- चंद्र राहु ग्रहण दोष के लिए प्रत्येक सोमवार शिवलिंग पर कच्चा दूध जरूर चढ़ाए।

- चंद्र राहु ग्रहण दोष के लिए प्रतिदिन सुबह शिवलिंग पर जल चढ़ाए।

- चंद्र राहु ग्रहण दोष के लिए प्रतिदिन सुबह पक्षियों को सतनाज खिलाए।

- चंद्र राहु ग्रहण दोष के लिए प्रत्येक महीने में एक मंगलवार या शनिवार के दिन कुष्ट रोगियों को घर का बना भोजन खिलाए।

 

 

ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा

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