कौन से ग्रह से मानसिक रोग होता है

Date : 2023-02-21

कौन से ग्रह से मानसिक रोग होता है



ज्योतिष शास्त्र में चन्द्रमा मन के कारक होते है इसलिए मानसिक स्थिति के लिए कुंडली में चंद्र ग्रह की स्थिति देखी जाती है इसके अलावा बुध ग्रह भी मानसिक स्थिति के कारक होते है इसलिए बुध ग्रह की स्थिति भी कुंडली में किसी व्यक्ति की मानसिक अवस्था की जानकारी प्रदान करती है। अतः ज्योतिष में चंद्र और बुध दोनों ही मानसिक रोग के कारक होते है जब कुंडली में चंद्र बुध पाप ग्रहो के प्रभाव में होते है तो ऐसे जातक को मानसिक रोग होने की सम्भावना बन जाती है मानसिक रोग कई प्रकार के होते है जिसमे से डिप्रेशन सबसे ज्यादा प्रमुख है और आज के समय में डिप्रेशन होने की सम्भावना ज्यादा प्रबल बनी हुई है। इस ब्लॉग में चर्चा करेंगे कुंडली में मानसिक रोग होने के क्या योग होते है।


मानसिक रोग और डिप्रेशन होने के योग

- अगर कुंडली में चन्द्रमा राहु से पीड़ित होता है तो ऐसे व्यक्ति को मानसिक तनाव अधिक होता है ऐसे व्यक्ति का मन परेशान और अशांत रहता है उसके डिप्रेशन होने की सम्भावना अधिक होती है।

- अगर कुंडली में चन्द्रमा शनि के साथ लग्न, चौथे, आठवे या बारवे स्थान में बैठे तो भी मानसिक रोग होने के योग बन जाते है। ऐसे व्यक्ति को अवसाद, डिप्रेशन, एंग्जायटी, घबराहट की समस्या होती है। ऐसे व्यक्ति के मन में नकारात्मक विचार आते है मन में अनजाना भय बना रहता है। भीड़ में जाने से डर लगता है।

- अगर कुंडली में चन्द्रमा केन्द्रम दोष से पीड़ित होकर किसी भी स्थान में बैठा हो तो भी अवसाद, डिप्रेशन, एंग्जायटी, घबराहट की समस्या होती है। ऐसे व्यक्ति के मन में नकारात्मक विचार आते है मन में अनजाना भय बना रहता है। भीड़ में जाने से डर लगता है।

- अगर कुंडली में चंद्र बुध लग्न, चौथे, सातवे या दसवे स्थान में एक साथ बैठते है तो अवसाद, डिप्रेशन, एंग्जायटी, घबराहट की समस्या होती है। ऐसे व्यक्ति के मन में नकारात्मक विचार आते है मन में अनजाना भय बना रहता है। भीड़ में जाने से डर लगता है।

- अगर कुंडली में बुध राहु लग्न में बैठे या बुध राहु छठे स्थान में बैठे या बुध राहु छठे स्थान के मालिक के साथ बैठे तो मिर्गी जैसे मानसिक रोग होने की सम्भावना रहती है। ऐसे जातक की बुद्धि भी अस्थिर रहती है ऐसा जातक गलत फैसले लेता है।


चंद्रमा के कमजोर होने के लक्षण

- कुंडली में चंद्रमा कमजोर होने से जातक को सिरदर्द, तनाव और डिप्रेशन का सामना करना पड़ता है।

- नींद न आने की समस्‍या होती है।

- मां से रिश्‍ते खराब रहते हैं या मां को कोई न कोई तकलीफ बनी रहती है।

- मन में नकारात्मक विचार आते है। मन में अनजाना डर बना रहता है।

- छोटी छोटी बातो पर चिंता करने की आदत होती है।


बुध के कमजोर होने के लक्षण

- लर्निंग पावर कमजोर होती है।

- स्किन से जुडी समस्या रहती है।

- गलत फैसले लेते है। अस्थिर बुद्धि होती है।

- नाख़ून कमजोर होकर टूट जाते है।

- पढ़ाई में परेशानी और रूकावट आती है।

- दांत कमजोर हो जाते है।


चन्द्रमा को मजबूत करने के उपाय

- प्रतिदिन शाम को चन्द्रमा के मंत्र का जाप करे ॐ सोम सोमाय नमः।

- प्रत्येक सोमवार शिवलिंग पर कच्चा दूध जरूर चढ़ाए।

- चन्द्रमा को मजबूत करने के लिए ज्योतिषी की सलाह पर मोती धारण करे।

- चन्द्रमा को मजबूत करने के लिए सोमवार का व्रत करे।

- चन्द्रमा को मजबूत करने के लिए दूध का दान भी किया जा सकता है।

- चन्द्रमा को मजबूत करने के लिए दो मुखी रुद्राक्ष धारण करे।


बुध को मजबूत करने के उपाय

- बुध को मजबूत करने के लिए प्रतिदिन सुबह बुध के मंत्र का जाप करे ॐ बुं बुधाय नमः।

- बुध को मजबूत करने के लिए ज्योतिषी की सलाह पर पन्ना रत्न धारण करे।

- बुध को मजबूत करने के लिए चार मुखी रुद्राक्ष धारण करे।

- बुध को मजबूत करने के लिए प्रत्येक बुधवार गणेश भगवान का व्रत करे।

- बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए गाय को पालक या हरा चारा खिलाए।

 

ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा

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