कुंडली में जब चन्द्रमा के आगे पीछे कोई ग्रह नहीं होते है तब कुंडली में केमद्रुम दोष का निर्माण होता है। कुंडली में चन्द्रमा मन के कारक होते है इसलिए जब कुंडली में चन्द्रमा केमद्रुम दोष से पीड़ित होते है तब व्यक्ति को अनेक प्रकार की मानसिक समस्याए होने लगती है। इसलिए कुंडली में केमद्रुम दोष का होना अच्छी स्थिति नहीं है इसके कारण अनेक प्रकार की समस्याए उत्पन्न होने लगती है।
केमद्रुम दोष के दुष्प्रभाव
● केमद्रुम दोष कुंडली में होने पर मानसिक समस्या होती है मन परेशान और अशांत रहता है मन में नकारात्मक विचार आते है। व्यक्ति के विचार समय समय पर बदलते रहते है। जल्दी जल्दी ऐसे व्यक्ति के विचार बदलते है।
● कुंडली में केमद्रुम दोष होने पर व्यक्ति को डिप्रेशन की समस्या हो जाती है। व्यक्ति अवसाद से ग्रस्त हो जाता है। डिप्रेशन से पीड़ित होने पर व्यक्ति हमेशा उदास रहता है। ● कुंडली में केमद्रुम दोष होने पर व्यक्ति बहुत ज्यादा शक्की हो जाता है। प्रत्येक चीज़ो को शक की नजर से देखता है। ऐसा व्यक्ति प्रत्येक कार्य में नकारात्मक चीज़े अधिक देखता है। व्यक्ति को वहम अधिक होता है।
● कुंडली में केमद्रुम दोष होने पर व्यक्ति अकेला रहना ज्यादा पसंद करता है। ऐसे व्यक्ति को भीड़ भाड़ में जाना पसंद नहीं होता है और न ही ज्यादा लोगो के साथ घुलना मिलना पसंद होता है। ऐसा व्यक्ति अकेला रहना ज्यादा पसंद करता है। ऐसे व्यक्ति को एकांत अधिक पसंद होता है।
● कुंडली में केमद्रुम दोष होने पर व्यक्ति बड़ी बड़ी सोचता है। केमद्रुम दोष से पीड़ित व्यक्ति हवाई किले ज्यादा बनाता है। ऐसा व्यक्ति बड़ी बड़ी बात भी करता है। उसकी सोच कुछ ज्यादा ही बड़ी हो जाती है। ● कुंडली में केमद्रुम दोष होने पर व्यक्ति का मन एक चीज़ में अधिक समय तक टिकता नहीं है ऐसा व्यक्ति जल्दी चीज़ो से ऊब जाता है। उसके अंदर एकाग्रता की कमी भी होती है।
● कुंडली में केमद्रुम दोष से पीड़ित व्यक्ति ज्यादा लम्बे समय तक पढ़ाई नहीं करता है उसका मन पढ़ाई में नहीं लगता है अगर किसी स्टूडेंट की कुंडली में केमद्रुम दोष बना हुआ है तो उसका मन भी पढ़ाई में नहीं लगता है वो ज्यादा मेहनत से पढ़ाई नहीं करता है।
● कुंडली में केमद्रुम दोष से पीड़ित व्यक्ति डरा हुआ सा रहता है उसके मन में अनजाना भय बना रहता है। उसके मन में कुछ बुरा होने का डर सदैव बना रहता है।
● जिस व्यक्ति की कुंडली में चन्द्रमा केमद्रुम दोष से पीड़ित होते है ऐसा व्यक्ति एंग्जायटी की समस्या से पीड़ित होता है उसका मन भी परेशान और अशांत रहता है। ● कुंडली में केमद्रुम दोष होने पर व्यक्ति को सफलता प्राप्त होने में रूकावट रहती है व्यक्ति को मेहनत के अनुसार रिजल्ट प्राप्त नहीं होता है व्यक्ति जितनी मेहनत करता है उसे उसकी मेहनत का फल पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं होता है।
केमद्रुम दोष के उपाय
● केमद्रुम दोष होने पर चन्द्रमा ग्रह को मजबूत करना चाहिए। विशेषज्ञ ज्योतिषी की सलाह पर चन्द्रमा ग्रह को मजबूत करने के लिए मोती धारण करे। इससे केमद्रुम दोष के दुष्प्रभाव समाप्त हो जाते है।
● केमद्रुम दोष होने पर चन्द्रमा को मजबूत करे इसके लिए दो मुखी रुद्राक्ष भी धारण कर सकते है। दो मुखी रुद्राक्ष धारण करने से भी चन्द्रमा मजबूत हो जाता है और केमद्रुम दोष के दुष्प्रभाव समाप्त हो जाते है।
● केमद्रुम दोष होने पर प्रत्येक सोमवार शंकर भगवान का व्रत करे। प्रतिदिन सुबह शिवलिंग पर जल चढ़ाए और प्रत्येक सोमवार शिवलिंग पर कच्चा दूध जरूर चढ़ाए।
● केमद्रुम दोष से पीड़ित चन्द्रमा को मजबूत करने के लिए प्रतिदिन शाम को चन्द्रमा के मंत्र की एक माला का जाप जरूर करे ॐ सोम सोमाय नमः।
● केमद्रुम दोष की शांति के लिए सुबह और शाम के समय ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करे। इससे केमद्रुम दोष के दुष्प्रभाव समाप्त हो जाते है और व्यक्ति का मन शांत रहता है।