Date : 2023-03-07
कैसे बनता है मालव्य राजयोग और मालव्य राजयोग के फल
मालव्य राजयोगमालव्य राजयोग पंचमहापुरुष राजयोग में से एक है। मालव्य राजयोग शुक्र ग्रह से बनता है। शुक्र कुंडली में जब केंद्र में उच्च के होते है या स्वराशि के होते है तब मालव्य राजयोग का निर्माण होता है। शुक्र मीन राशि में उच्च के होते है और शुक्र वृष और तुला राशि में स्वराशि के होते है। जब कुंडली में शुक्र लग्न, चौथे, सातवे या दसवे स्थान में मीन राशि, वृष राशि या तुला राशि में होते है तब कुंडली में मालव्य राजयोग का निर्माण होता है। मालव्य राजयोग पंचमहापुरुष राजयोग है इस राजयोग में जन्म लेने वाला जातक को क्या शुभ परिणाम प्राप्त होते है इसकी चर्चा इस ब्लॉग में करेंगे।
मालव्य राजयोग के फल* मालव्य राजयोग में उत्पन्न जातक सभी प्रकार के सुख सुविधाओं को भोगता है। उसे सभी सुख साधन प्राप्त होते है।
* मालव्य राजयोग वाला जातक सौंदर्य और कला प्रेमी होता है। उसे कला और सौन्दर्य की वस्तुओ में विशेष रूचि होती है।
* मालव्य राजयोग में उत्पन्न जातक सुन्दर, पुष्ट शरीर वाले और फैशनेबल होते है। सुख साधन की वस्तुओ पर धन खर्च करते है।
* मालव्य राजयोग में जन्म लेने वाले जातक उच्च कोटि के वाहन का सुख भोगते है और सभी सुख साधन प्राप्त करते है।
* मालव्य राजयोग में जन्म लेने वाले जातक अच्छे और सुन्दर मकान में रहने वाले होते है।
* मालव्य राजयोग में जन्म लेने वाले जातक को स्त्री सुख अच्छा प्राप्त होता है इनकी मैरिड लिए अच्छी होती है सुन्दर पत्नी प्राप्त होती है।
* मालव्य राजयोग में जन्म लेने वाले जातक फिल्म, मीडिया, फैशन से जुडी फील्ड में कार्य करने वाले होते है।
* मालव्य राजयोग में जन्म लेने वाले जातक लग्ज़री वस्तुओ का उपभोग करने वाले होते है।
* मालव्य राजयोग में जन्म लेने वाले जातक व्यापार और करियर में उन्नति प्राप्त करते है। धन की इनके पास कोई कमी नहीं होती है।
* मालव्य राजयोग में जन्म लेने वाले जातक हवाई यात्रा करने वाले और विदेश यात्रा करने वाले होते है।
* मालव्य राजयोग में जन्म लेने वाले जातक सौभाग्यशाली होता है और ऐसे जातक सभी भौतिक सुखो को प्राप्त करता है।
मालव्य राजयोग के शुभ फल प्राप्त करने के उपाय* प्रतिदिन सुबह शुक्र के मंत्र का जाप करे ॐ शुं शुक्राय नमः।
* ज्योतिषी की सलाह पर ओपल रत्न धारण करे।
* छह मुखी रुद्राक्ष धारण करे।
* प्रतिदिन सुबह इत्र या परफ्यूम का प्रयोग करे।
* प्रतिदिन साफ़ वस्त्र धारण करे।
* प्रत्येक शुक्रवार व्रत करे।
* प्रत्येक शुक्रवार सफेद रंग की शर्ट पहने
ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा