Date : 2023-04-07
बृहस्पति खराब होने से क्या होता है
ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति ग्रह मुख्य ग्रह है ये ज्ञान से सम्बंधित ग्रह है इसलिए कुंडली में इसका मजबूत होना आवश्यक होता है। बृहस्पति की दो राशियां होती है धनु और मीन है। बृहस्पति धनु और मीन राशि का प्रतिनिधित्व करता है। बृहस्पति कर्क राशि में उच्च का होता है और बृहस्पति मकर राशि में नीच का होता है। बृहस्पति कुंडली में धर्म, अध्यात्म, विद्या, बुद्धि, ज्ञान, पुत्र संतान, शादी, परिवार, धन और भाग्य के कारक होते है। बृहस्पति पेट, पाचन क्रिया, शरीर का वजन, नींद के भी कारक होते है। कुंडली में बृहस्पति के खराब होने पर अनेक प्रकार की समस्या उत्पन्न होती है जिनका वर्णन इस ब्लॉग में करेंगे।
बृहस्पति के खराब होने के लक्षण* अगर कुंडली में बृहस्पति खराब है तो पढ़ाई में मन ही लगता है हायर एजुकेशन में रूकावट आती है। पढ़ाई में समस्या बनी रहती है।
* अगर कुंडली में बृहस्पति खराब है तो पूजा पाठ और धर्म में आस्था नहीं होता है ऐसा व्यक्ति धर्म का विरोध तक करता है।
* अगर कुंडली में बृहस्पति खराब है तो धन सम्बंधित समस्या उत्पन्न होती है व्यक्ति के पास धन की कमी रहती है आर्थिक स्थिति कमजोर हो जाती है।
* अगर कुंडली में बृहस्पति खराब है तो महिलाओ को गृहस्त सुख में परेशानी का सामना करना पड़ता है। लड़कियों की शादी में भी रूकावट आती है। शादी देर से होती है। अच्छा जीवन साथी प्राप्त नहीं होता है।
* अगर कुंडली में बृहस्पति खराब है तो भाग्य में रूकावट रहती है मेहनत के अनुसार भाग्य का साथ प्राप्त नहीं होता है प्रत्येक कार्य में रूकावट रहती है।
* अगर कुंडली में बृहस्पति खराब है तो पारिवारिक सुख में भी समस्या रहती है परिवार का माहौल अच्छा नहीं होता है। परिवार में मतभेद और तनाव की स्थिति रहती है।
* अगर कुंडली में बृहस्पति खराब है तो पेट और पाचन क्रिया से सम्बंधित समस्या रहती है। पेट ठीक नहीं रहता है पेट से सम्बंधित समस्या हो सकती है।
* अगर कुंडली में बृहस्पति खराब है तो शरीर का वजन संतुलित नहीं होता है या तो ऐसा व्यक्ति ओवर वेट होता है या ऐसा व्यक्ति अंडर वेट होता है अर्थात उसे वजन से जुडी समस्या रहती है।
* अगर कुंडली में बृहस्पति खराब है तो नींद से जुडी समस्या रहती है रात को देर से नींद आती है। कुंडली में पीड़ित बृहस्पति व्यक्ति की नींद को प्रभावित करता है।
बृहस्पति को ठीक करने के लिए उपाय* ज्योतिषी को कुंडली दिखाकर बृहस्पति का रत्न पुखराज धारण करे।
* बृहस्पति के जाप करे ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः।
* बृहस्पति को मजबूत करने के लिए पांच मुखी रुद्राक्ष धारण करे।
* बृहस्पति को मजबूत करने के लिए वीरवार का व्रत करे।
* बृहस्पति को मजबूत करने के लिए गुरु, ब्राह्मणो की सेवा करे। बड़े बुजुर्गो का सम्मान करे।
ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा