जानिए क्या है आपका गण देवता, मनुष्य या राक्षस और जाने इन गणों का महत्व

Date : 2022-12-18

जानिए क्या है आपका गण देवता, मनुष्य या राक्षस और जाने इन गणों का महत्व

 


ज्योतिष में मनुष्यो को तीन प्रकार के गणों में बांटा गया है। पहला देव गण दूसरा मनुष्‍य गण और तीसरा राक्षस गण। इन तीनो में देवता गण सबसे अच्छा होता है और सबसे श्रेष्ठ होता है। जिसका जन्म देव गण में होता है ऐसा व्यक्ति देवता वाले स्वभाव का होता है दयालु होता है। लोगो की मदद करने वाला होता है। सात्विक प्रवृति का होता है। अपने जीवन में महान कार्य करने वाला होता है। दुसरो की सहायता करने वाला होता है।


राक्षस गण वाले व्यक्ति साहसी होते है और बहुत मेहनती भी होते है। राक्षस गण के व्यक्ति साहसी होते है और प्रत्येक कठिन परिस्थिति का सामना डटकर करते है। हार नहीं मानते है। राक्षस गण के व्यक्ति स्पष्ट बोलने वाले होते है। ये लोग अपने दिल में बाते छुपाकर नहीं रखते है दुसरो को स्पष्ट रूप से जवाब देते है। राक्षस गण के व्यक्ति दुसरो के अधीन रहना पसंद नहीं करते है।


मनुष्य गण में उत्पन्न पुरुष मान सम्मान प्राप्त करने वाले, धनवान, विशाल नेत्र वाले होते है और दिखने में सुन्दर होते है। गोरे होते है। ऐसे जातक किसी समस्या या नकारात्मक स्थिति में डरते नहीं है। दूसरों से अपना काम निकलवाने की कला कला में माहिर होते हैं। साथ ही अपने उद्देश्य को लेकर भी वे बेहद स्पष्ट होते है। मनुष्य गण के व्यक्ति धनवान होते है। मनुष्य गण के व्यक्ति अपने जीवन का लक्ष्य बनाते है और उसे पाने के लिए पूर्ण प्रयास करते है।

 


देवगण वाले जातक के गुण

- देवगण में उत्पन्न पुरुष दानी, बुद्धिमान, सरल हृदय, अल्पाहारी व विचारों में श्रेष्ठ होता है।

- देवगण में जन्‍म लेने वाले जातक सुंदर और आकर्षक व्‍यक्‍तित्‍व के होते हैं। इनका दिमाग काफी तेज होता है।

- देवगण वाले जातक सरल स्वभाव के होते है और दूसरो की मदद करते है।

- देवगण के व्यक्ति दयालु होते है। देवगण वाले व्यक्ति अपने जीवन में बहुत तरक्की प्राप्त करते है।

- देवगण वाले व्यक्ति पुण्य कर्म करने वाले होते है।

 

राक्षस गण वाले जातक के गुण

- राक्षस गण वाले व्यक्ति झगड़ालु और कड़वी वाणी बोलने वाले होते है।

- राक्षस वाले व्यक्ति किसी से डरते नहीं है। नकारात्मक व्यक्तिओ और शक्तियों का डटकर सामना करते है।

- राक्षस गण वाले व्यक्तियों का नकारात्मक शक्तियां भी कुछ बिगाड़ नहीं पाती है।

- राक्षस गण वाले व्यक्ति साहसी होते है और जीवन की कठिनायों का सामना करते है और घबराते नहीं है।

- राक्षस गण वाले व्यक्ति बहुत मेहनती होते है और किसी के अधीन कार्य नहीं करते है। स्वतंत्र रूप से कार्य करना इन्हे पसंद होता है।

 

मनुष्य गण के जातक के गुण

- मनुष्य गण में जन्म लेने वाला व्यक्ति धनी होता है और अपनी लाइफ में तरक्की करता है।

- मनुष्य गण में जन्म लेने वाला व्यक्ति बहुत मेहनती होता है और मान सम्मान भी प्राप्त करता है।

- मनुष्य गण के व्यक्तियों के नेत्र बड़े होते है और ये लोग गोरे रंग के होते है।

- मनुष्य गण के लोग अपने जिम्मेदारियों को निभाने वाले होते है।

- मनुष्य गण के लोग समान्य स्वभाव के होते है वो किसी का बुरा नहीं सोचते है और ना ही किसी का बुरा करते है।

 


देवता गण के नक्षत्र

जिन व्यक्तियों का जन्म अश्विनी, मृगशिरा, पुर्नवासु, पुष्‍य, हस्‍त, स्‍वाति, अनुराधा, श्रावण, रेवती नक्षत्र में होता है। वो देव गण के जातक होते हैं।


मनुष्य गण के नक्षत्र

जिन व्यक्तियों का जन्म भरणी, रोहिणी, आर्दा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तर फाल्गुनी, पूर्व षाढ़ा, उत्तर षाढा, पूर्व भाद्रपद, उत्तर भाद्रपद में होता है। वो मनुष्य गण के जातक होते हैं।


राक्षस गण के नक्षत्र

जिन जातकों का जन्म अश्लेषा, विशाखा, कृत्तिका, चित्रा, मघा, ज्येष्ठा, मूल, धनिष्ठा, शतभिषा नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग राक्षण गण के होते है।

 


ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा

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