Date : 2022-10-14
अहोई अष्टमी
यह व्रत सन्तान की लम्बी आयु और सुखमय जीवन की कामना से पुत्रवती महिलाएं करती हैं। कार्तिक मास की अष्टमी तिथि को कृष्ण पक्ष में यह व्रत रखा जाता है इसलिए इसे अहोई अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। जो महिलाए संतान की इच्छा से भी इस व्रत को करती है उनकी भी इच्छा पूरी होती है और संतान सुख प्राप्त हो जाता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को अहोई अष्टमी का व्रत रखा जाता है। इस साल अहोई अष्टमी का व्रत 17 अक्टूबर 2022 को रखा जाएगा. इस दिन अहोई माता की पूजा की जाती है। महिलाएं इस दिन निर्जल व्रत रखती हैं। अहोई अष्टमी के व्रत को तारे देखकर तोड़ा जाता है।
अहोई अष्टमी 2022 शुभ मुहूर्त
अष्टमी तिथि का प्रारंभ - 17 अक्टूबर, सोमवार, सुबह 09 बजकर 29 मिनट से
अष्टमी तिथि का समापन - 18 अक्टूबर, मंगलवार, सुबह 11 बजकर 57 मिनट पर होगा।
पूजा का शुभ मुहूर्त - शाम 06 बजकर 14 मिनट से शाम 07 बजकर 28 मिनट तक रहेगा।
अहोई अष्टमी के उपाय
- माता पार्वती और शंकर भगवान की पूजा करे।
- शिवलिंग पर कच्चा दूध जरूर चढ़ाए।
- अहोई माता को सिंदर चढ़ाए।
- माता को श्रृंगार का समान अर्पित करे।
ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा
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