गुरु चांडाल दोष कैसे बनता है

Date : 2023-02-14

गुरु चांडाल दोष कैसे बनता है



जब कुंडली में बृहस्पति पाप ग्रह शनि, राहु या केतु से पीड़ित होते है। तो गुरु चांडाल दोष का निर्माण होता है। बृहस्पति पढ़ाई, परिवार, धन, संतान, शादी, पेट और पाचन क्रिया के कारक होते है अगर कुंडली में बृहस्पति राहु, शनि या केतु से पीड़ित होते है तो बृहस्पति के शुभ फल प्राप्त नहीं होते है बृहस्पति कमजोर हो जाता है बृहस्पति के अशुभ परिणाम प्राप्त होते है। इसलिए कुंडली में गुरु चांडाल दोष अच्छा नहीं होते है इसके कुंडली में मौजूद होने से जीवन में अनेक प्रकार की समस्या आती है। इस ब्लॉग में हम जान पाएंगे की गुरु चांडाल दोष के दुष्परिणाम क्या होते है और गुरु चांडाल दोष से बचने के क्या उपाय होते है।


गुरु चांडाल दोष के दुष्प्रभाव

- कुंडली में गुरु चांडाल दोष होने के कारण संतान प्राप्ति में देरी और रूकावट के योग बनते है। संतान सुख में समस्या आती है।

- कुंडली में गुरु चांडाल दोष होने के कारण पारिवारिक सुख में कमी रहती है परिवार में अशांति रहती है। वाद विवाद की स्थिति रहती है।

- कुंडली में गुरु चांडाल दोष होने के कारण धन की समस्या होती है। परिवार में धन संचय की कमी रहती है। आर्थिक स्थिति कमजोर रहती है।

- कुंडली में गुरु चांडाल दोष होने के कारण कान से जुडी समस्या रहती है। कान में समस्या आती है। कान में आवाज आने की समस्या होती है।

- कुंडली में गुरु चांडाल दोष होने के कारण भाग्य में रूकावट रहती है। भाग्य का साथ प्राप्त नहीं होता है। मेहनत के अनुसार भाग्य का साथ प्राप्त नहीं होता है।

- कुंडली में गुरु चांडाल दोष होने के कारण धन लाभ में कमी रहती है अच्छी इनकम होने में रूकावट आती है।

- कुंडली में गुरु चांडाल दोष होने के कारण गलत संगत में रहने के योग बनते है। नशा करने की आदत होने की सम्भावना रहती है।

- कुंडली में गुरु चांडाल दोष होने के कारण पेट और पाचन क्रिया से जुडी समस्या रहती है। बाहर का खाना पेट की समस्या देता है।

- कुंडली में गुरु चांडाल दोष होने के कारण शुगर होने की समस्या रहती है इसलिए ऐसे व्यक्ति को ज्यादा मीठा नहीं खाना चाहिए।



गुरु चांडाल दोष के उपाय

- प्रत्येक वीरवार व्रत करे। इससे बृहस्पति ग्रह मजबूत होगा और गुरु चांडाल दोष के दुष्प्रभाव समाप्त हो जाते है।

- प्रतिदिन सुबह बृहस्पति के मंत्र की एक माला का जाप जरूर करे ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः।

- अपनी कुंडली का विश्लेषण करवा कर बृहस्पति का रत्न पुखराज भी धारण कर सकते है इससे बृहस्पति ग्रह मजबूत होगा और गुरु चांडाल दोष के दुष्प्रभाव में आएगी।

- बृहस्पति ग्रह को मजबूत करने के लिए पांच मुखी रुद्राक्ष धारण करे। इससे भी बृहस्पति ग्रह मजबूत होगा।

- राहु केतु की शांति के लिए प्रतिदिन सुबह पक्षियों को सतनाज जरूर खिलाए।

- प्रतिदिन शाम को सरसो के तेल का दीपक जलाकर उसके सामने नीले कपड़े के आसन पर बैठकर शनि के मंत्र की एक माला का जाप जरूर करे ॐ प्रां प्रीं प्रों सः शनेश्चराय नमः।

- प्रत्येक शनिवार शनि देव पर सरसो का तेल चढ़ाए।

- प्रत्येक महीने की अमावस्या को कुष्ट रोगियों को घर का बना भोजन खिलाए। इससे राहु के दुष्प्रभाव समाप्त होंगे।

 

ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा

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