१ जब भी कुंडली में बृहस्पति और चन्द्रमा एक साथ कुंडली में कहीं भी बठते है तो गजकेसरी योग का निर्माण होता है। २ चन्द्रमा से चौथे स्थान पर बृहस्पति बैठे तो भी गजकेसरी योग का निर्माण होता है। ३ चन्द्रमा से सप्तम बृहस्पति बैठे तो भी गजकेसरी योग का निर्माण होता है। ४ चन्द्रमा से दशम भाव में बृहस्पति बैठे तो भी गजकेसरी योग का निर्माण होता है। गजकेसरी योग के फल : जिस व्यक्ति की कुंडली में गजकेसरी योग बनता है उस व्यक्ति को सभी सुख साधन और सभी सांसारिक सुख प्राप्त होते है। ऐसे जातक का कोई भी कार्य धन की कमी की वजह से नहीं अटकता है। ऐसा जातक को धन सदैव प्राप्त होता रहता है। कभी भी जीवन में किसी वस्तु की कमी नहीं होती है। गजकेसरी योग बनने पर ऐसा जातक धनी बनता है। ऐसा जातक को मकान, गाडी, व सभी सुख साधन प्राप्त होते है। ऐसा व्यक्ति धार्मिक होता है। उसे समाज में मान सम्मान की प्राप्ति होती है। समाज में ऐसे व्यक्ति को पूर्ण सम्मान प्राप्त होता है। ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा