Date : 2022-09-24
फ़िरोज़ा रत्न बृहस्पति ग्रह का उपरत्न होता है। फ़िरोज़ा रत्न धारण करने से बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है। फ़िरोज़ा रत्न धारण करने से बृहस्पति ग्रह के शुभ फल प्राप्त होते है और बृहस्पति ग्रह के अशुभ प्रभाव समाप्त होते है। आइये जानते है की फ़िरोज़ा रत्न किन राशि या लग्न वालो को धारण करना चाहिए। कोई भी रत्न हमेशा लग्न कुंडली के अनुसार धारण करने चाहिए। रत्न कभी भी राशि के अनुसार धारण नहीं करने चाहिए। इसी प्रकार फ़िरोज़ा रत्न भी सभी को अपनी कुंडली के लग्न के अनुसार धारण करने चाहिए। इस ब्लॉग में आप जान पाएंगे की किन लग्न वालो को फ़िरोज़ा स्टोन धारण करना चाहिए।
- मेष लग्न की कुंडली में बृहस्पति भाग्य के मालिक होते है इसलिए मेष लग्न वालो को बृहस्पति का उपरत्न फ़िरोज़ा धारण करना चाहिए। फ़िरोज़ा रत्न धारण करने से मेष लग्न वालो का भाग्य उदय होगा। लाइफ में तरक्की प्राप्त होगी। धन आएगा। मेहनत के अनुसार भाग्य का साथ प्राप्त होगा। विदेश से भी लाभ प्राप्त होगा। मेष लग्न वालो के शरीर का वजन अच्छा रहेगा। पेट से सम्बंधित समस्या नहीं होगी। धर्म के प्रति आस्था बढ़ेगी। आर्थिक उन्नति होगी।
- वृश्चिक लग्न की कुंडली में बृहस्पति दूसरे स्थान और पांचवे स्थान के मालिक होते है दूसरा स्थान धन, पैतृक संपत्ति, परिवार, आंख, गले का होता है और पांचवा स्थान पढ़ाई, संतान, मित्र, प्लानिंग, पेट का होता है। इसलिए वृश्चिक लग्न वालो के लिए बृहस्पति ग्रह योग कारक है इसलिए वृश्चिक लग्न वाले बृहस्पति का उपरत्न फ़िरोज़ा जरूर धारण कर सकते है। फ़िरोज़ा रत्न धारण करने से संतान सुख प्राप्त होगा। पढ़ाई में लाभ होगा। हायर एजुकेशन प्राप्त होगी। पेट अच्छा रहेगा। अच्छे मित्र बनेंगे। प्लानिंग सफल होगी। धन आएगा और धन संचय होगा। पारिवारिक सुख में वृद्धि होगी। आंखे ठीक रहेगी। गले में इन्फेक्शन से बचाव होगा। वाणी अच्छी रहेगी। नींद से जुडी समस्या नहीं होगी।
- धनु लग्न की कुंडली में बृहस्पति लग्नेश होते है और चौथे स्थान के मालिक भी होते है लग्न से स्वास्थ्य और मान सम्मान का विचार किया जाता है और चौथा स्थान प्रॉपर्टी, माता, वेहिकल और सुख साधन का होता है। इसलिए धनु लग्न की कुंडली में बृहस्पति ग्रह योग कारक होते है इसलिए धनु लग्न वाले भी फ़िरोज़ा स्टोन जरूर धारण कर सकते है। धनु लग्न वालो को फ़िरोज़ा स्टोन धारण करने से मान सम्मान प्राप्त होगा। उनका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। उनके शरीर का वजन संतुलित रहेगी। प्रॉपर्टी के योग बनेंगे। मकान बनेगा। वेहिकल सुख प्राप्त होगा। सभी सुख साधन प्राप्त होंगे। माता का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। माता के साथ अच्छे रिलेशन रहेंगे।
- मीन लग्न की कुंडली में बृहस्पति लग्न के मालिक होते है और साथ में दसवे स्थान के मालिक भी होते है। लग्न से स्वास्थ्य और मान सम्मान का विचार किया जाता है और दसवा स्थान पिता, करियर का होता है इसलिए मीन लग्न में भी बृहस्पति ग्रह योग कारक होते है इसलिए मीन लग्न वाले भी बृहस्पति का उपरत्न फ़िरोज़ा जरूर धारण कर सकते है। फ़िरोज़ा धारण करने से मीन लग्न वालो का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। उनके मान सम्मान में वृद्धि होगी। उनके शरीर का वजन अच्छा रहेगा। उनको करियर में उन्नति प्राप्त होगी। करियर में सफलता प्राप्त होगी। पिता के सुख में वृद्धि होगी।
- सिंह लग्न की कुंडली में बृहस्पति पंचम भाव और अष्टम भाव के मालिक होते है पंचम भाव पढ़ाई, संतान, मित्र, प्लानिंग, पेट का होता है और अष्टम भाव आयु और गुप्त धन का होता है इसलिए सिंह लग्न की कुंडली में भी बृहस्पति योग कारक ग्रह होते है इसलिए सिंह लग्न वाले भी बृहस्पति का उपरत्न फ़िरोज़ा जरूर धारण कर सकते है। फ़िरोज़ा रत्न धारण करने से संतान सुख प्राप्त होगा। पढ़ाई में लाभ होगा। हायर एजुकेशन प्राप्त होगी। पेट अच्छा रहेगा। अच्छे मित्र बनेंगे। प्लानिंग सफल होगी। आयु में लाभ होगा। अचानक धन की प्राप्ति होगी।
- कर्क लग्न की कुंडली में बृहस्पति छठे और नोवे स्थान के मालिक होते है छठा स्थान रोग, ऋण, शत्रुओ का होता है और नोवा स्थान भाग्य का होता है और कर्क लग्न में बृहस्पति लग्नेश चन्द्रमा के मित्र होते है इसलिए कर्क लग्न में भी बृहस्पति योग कारक ग्रह है इसलिए कर्क लग्न वाले भी बृहस्पति का उपरत्न फ़िरोज़ा जरूर धारण कर सकते है। फ़िरोज़ा रत्न धारण करने से भाग्य उदय होगा। भाग्य का साथ प्राप्त होगा। मेहनत के अनुसार भाग्य का साथ प्राप्त होगा। मेहनत के अनुसार रिजल्ट प्राप्त होंगे। धन आएगा। लाइफ में आगे बढ़ने में नए अवसर प्राप्त होंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। शत्रु समाप्त होंगे। कर्जा नहीं होगा। शरीर का वजन अच्छा रहेगा। पेट से सम्बंधित समस्या नहीं होगी। पाचन क्रिया अच्छी रहेगी।
ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा
2021-02-11
2021-02-12
2021-02-12
2021-02-12
Copyright © 2022 Astrologermaheshsharma.com . All Rights Reserved.