एक मुखी रुद्राक्ष किस ग्रह के लिए धारण किया जाता है और एक मुखी रुद्राक्ष धारण करने के लाभ और एक मुखी रुद्राक्ष धारण करने की विधि

Date : 2022-03-13

एक मुखी रुद्राक्ष किस ग्रह के लिए धारण किया जाता है और एक मुखी रुद्राक्ष धारण करने के लाभ और एक मुखी रुद्राक्ष धारण करने की विधि



सूर्य के लिए एक मुखी रुद्राक्ष

- एक मुखी रुद्राक्ष सूर्य ग्रह के लिए धारण किया जाता है। एक मुखी रुद्राक्ष धारण करने से सूर्य के शुभ फल प्राप्त होते है अगर कुंडली में सूर्य पीड़ित हो या सूर्य कमजोर हो या सूर्य राहु, केतु या शनि से पीड़ित है या सूर्य कुंडली में नीच का हो तो सूर्य के अशुभ फल से बचने के लिए और सूर्य के शुभ फल प्राप्त करने के लिए एक मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।


एक मुखी रुद्राक्ष धारण करने के लाभ

- एक मुखी रुद्राक्ष धारण करने से मान सम्मान में वृद्धि होती है।

- एक मुखी रुद्राक्ष रुद्राक्ष धारण करने से दिल से जुडी समस्या ठीक होती है।

- एक मुखी रुद्राक्ष धारण करने से पेट से जुडी समस्या समाप्त होती है।

- एक मुखी रुद्राक्ष धारण करने से आँखों से जुडी समस्या समाप्त होती है।

- एक मुखी रुद्राक्ष धारण करने से सरकारी नौकरी के योग बनते है।

- एक मुखी रुदाक्ष धारण करने से धन के योग बनते है।

- एक मुखी रुद्राक्ष धारण करने से मानसिक तनाव समाप्त होता है मन शांत रहता है।

- एक मुखी रुद्राक्ष धारण करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।


रुद्राक्ष धारण करने के नियम

- रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति को शराब, मांस, अंडे, लहसुन, प्याज़ से दूर रहना चाहिए। इस तरह की चीज़े नहीं खानी चाहिए।

- रुद्राक्ष धारण करने वालो को झूठ नहीं बोलना चाहिए और किसी भी प्रकार के गलत कामो से दूर रहना चाहिए।

- रुद्राक्ष धारण करने वालो को पैसो के मामले में भी ईमानदार रहना चाहिए।

- रुद्राक्ष धारण करने वालो को लाइफ पार्टनर के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनांते समय रुद्राक्ष उतार देना चाहिए।

- रुद्राक्ष धारण करने वालो को दुसरो की बुराई नहीं करनी चाहिए।


एक मुखी रुद्राक्ष धारण करने की विधि

- एक मुखी रुद्राक्ष को लाल धागे में गले में धारण किया जाता है।

- रुद्राक्ष सोमवार के दिन सुबह 6 से 7 बजे के मध्य धारण करना चाहिए।

- रुद्राक्ष धारण करने से पहले 10 मिनट तक रुद्राक्ष को एक कटोरी में कच्चे दूध और गंगाजल के मिश्रण में डालकर रखे इसके बाद रुद्राक्ष को कटोरी से निकालकर पुनः गंगाजल से धोकर शुद्ध करके घर में मंदिर में धुप दीप जलाकर ॐ नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जाप करे और उसके बाद अपने गले में रुद्राक्ष धारण करे।

 

ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा

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