दुर्गा शप्तशती के चमत्कारी मंत्र

Date : 2023-02-15

दुर्गा शप्तशती के चमत्कारी मंत्र



दुर्गाशप्तशती

दुर्गा शप्तशती में माँ दुर्गा के विभिन्न चमत्कारी मंत्र का उल्लेख किया गया है। श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ मनोरथ सिद्धि के लिए किया जाता है। दुर्गाशप्तशती में दिए गए मंत्र का जाप करने से जीवन में चल रही कई समस्याओ से छुटकारा प्राप्त होता है। दुर्गाशप्तशती में विभिन्न समस्याओ के लिए विभिन्न मंत्र दिए गए है। जिनका जाप करने से जीवन में समस्याओ का अंत होता है और सुख समृद्धि और उन्नति की प्राप्ति होती है। ब्रह्मा जी ने मनुष्यों की रक्षा के लिए कई गुप्त और परम उपयोगी मनुष्य का कल्याण कारी देवी कवच बताया गया है। स्वयं ब्रह्मदेव ने कहा है। कि जो मनुष्य दुर्गा सप्तशती का पाठ करेगा वह परम सुख भोगेगा। दुर्गा सप्तशती पाठ के श्लोको का असर निश्चित रूप से होता है और जल्दी इसका प्रभाव पड़ता है। दुर्गा सप्तशती में 13 अध्याय हैं जिन्हें तीन हिस्सों में बांटा गया है। इस ब्लॉग में हम चर्चा करेंगे दुर्गाशप्तशती के कुछ चमत्कारी मंत्रो की।


महामारी नाशक मंत्र

जयन्ती मड्गला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमो स्तुते ॥


पुत्र प्राप्ति के लिए मंत्र

देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते।
देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः ॥


शक्ति प्राप्ति के लिए मंत्र

सृष्टि स्तिथि विनाशानां शक्तिभूते सनातनि।
गुणाश्रेय गुणमये नारायणि नमो स्तुते ॥


इच्छित पत्नी प्राप्ति के लिए मंत्र

पत्नीं मनोरामां देहि मनोववृत्तानुसारिणीम्।
तारिणीं दुर्गसंसार सागरस्य कुलोभ्दवाम् ॥


पापनाशक के लिए मंत्र

हिनस्ति दैत्येजंसि स्वनेनापूर्य या जगत्।
सा घण्टा पातु नो देवी पापेभ्यो नः सुतानिव ॥


भयनिवारक के लिए मंत्र
 
सर्वस्वरुपे सर्वेशे सर्वशक्तिमन्विते।
भये भ्यस्त्राहि नो देवी दुर्गे देवी नमो स्तु ते ॥



ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा
 
 

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