दो मुखी रुद्राक्ष किस ग्रह के लिए धारण किया जाता है और दो मुखी रुद्राक्ष धारण करने के लाभ और दो मुखी रुद्राक्ष धारण करने की विधि क्या होती है ?

Date : 2022-03-14

दो मुखी रुद्राक्ष किस ग्रह के लिए धारण किया जाता है और दो मुखी रुद्राक्ष धारण करने के लाभ और दो मुखी रुद्राक्ष धारण करने की विधि क्या होती है ?



 चन्द्रमा के लिए दो मुखी रुद्राक्ष

- दो मुखी रुद्राक्ष चंद्र ग्रह के लिए धारण किया जाता है। दो मुखी रुद्राक्ष धारण करने से चन्द्रमा के शुभ फल प्राप्त होते है अगर कुंडली में चन्द्रमा पीड़ित हो या चन्द्रमा कमजोर हो या चंद्र राहु, केतु या शनि से पीड़ित है या चन्द्रमा कुंडली में नीच का हो तो चन्द्रमा के अशुभ फल से बचने के लिए और चन्द्रमा के शुभ फल प्राप्त करने के लिए दो मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।


दो मुखी रुद्राक्ष धारण करने के लाभ

- दो मुखी रुद्राक्ष धारण करने से मानसिक तनाव समाप्त होता है मन शांत रहता है। मन प्रसन्न रहता है। मन से नकारात्मक विचार समाप्त होते है।

- दो मुखी रुद्राक्ष धारण करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

- दो मुखी रुद्राक्ष धारण करने से माता के सुख में वृद्धि होती है माता से सपोर्ट प्राप्त होता है।

- दो मुखी रुद्राक्ष यूरिन, हृदय से सम्बंधित समस्या को कम करने में लाभ प्रदान करता है।

- दो मुखी रुद्राक्ष धारण करने से प्रॉपर्टी, सुख साधन में वृद्धि होती है।

- दो मुखी रुद्राक्ष धारण करने से फेफड़ो से सम्बंधित समस्या में भी अच्छा लाभ प्राप्त होता है।

- एक मुखी रुद्राक्ष धारण करने से आँखों से जुडी समस्या समाप्त होती है।


रुद्राक्ष धारण करने के नियम

- रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति को शराब, मांस, अंडे, लहसुन, प्याज़ से दूर रहना चाहिए। इस तरह की चीज़े नहीं खानी चाहिए।

- रुद्राक्ष धारण करने वालो को झूठ नहीं बोलना चाहिए और किसी भी प्रकार के गलत कामो से दूर रहना चाहिए।

- रुद्राक्ष धारण करने वालो को पैसो के मामले में भी ईमानदार रहना चाहिए।

- रुद्राक्ष धारण करने वालो को लाइफ पार्टनर के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनांते समय रुद्राक्ष उतार देना चाहिए।

- रुद्राक्ष धारण करने वालो को दुसरो की बुराई नहीं करनी चाहिए।


दो मुखी रुद्राक्ष धारण करने की विधि

- दो मुखी रुद्राक्ष को सफेद धागे में गले में धारण किया जाता है।

- रुद्राक्ष सोमवार के दिन सुबह 6 से 7 बजे के मध्य धारण करना चाहिए।

- रुद्राक्ष धारण करने से पहले 10 मिनट तक रुद्राक्ष को एक कटोरी में कच्चे दूध और गंगाजल के मिश्रण में डालकर रखे इसके बाद रुद्राक्ष को कटोरी से निकालकर पुनः गंगाजल से धोकर शुद्ध करके घर में मंदिर में धुप दीप जलाकर ॐ नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जाप करे और उसके बाद अपने गले में रुद्राक्ष धारण करे।

 

ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा

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