चंद्र केतु की युति के फल

Date : 2023-05-18

चंद्र केतु की युति के फल



कुंडली में चन्द्रमा मन, माता, फेफड़े, ब्लड, प्रॉपर्टी, उल्टी आंख के कारक होते है। यदि कुंडली में चन्द्रमा पीड़ित होते है तो अनेक प्रकार की समस्याए उत्पन्न होने लगती है। अगर कुंडली में चंद्र केतु के साथ होता है तो चन्द्रमा पीड़ित अवस्था में होता है। चंद्र केतु का योग कुंडली में होना अच्छा नहीं होता है। चंद्र केतु की युति के कई प्रकार के नकारात्मक परिणाम प्राप्त होते है। इसलिए चंद्र केतु की युति कुंडली में अच्छी नहीं मानी जाती है। इस ब्लॉग में चर्चा करेंगे की चंद्र केतु की युति के क्या क्या फल प्राप्त होते है।


चंद्र केतु की युति के फल

● कुंडली में चन्द्रमा केतु से पीड़ित होता है तो ऐसे व्यक्ति को मानसिक तनाव रहत है मन परेशान और अशांत रहता है। ऐसे व्यक्ति को छोटी छोटी बातो पर चिंता करने की आदत होती है।

● कुंडली में चंद्र केतु की युति होने के कारण माता से भी मतभेद की स्थिति रहती है। ऐसे व्यक्ति के अपनी माता से वैचारिक मतभेद होते है। माता से ज्यादा बनती नहीं है।

● कुंडली में चंद्र केतु की युति होने पर कोल्ड, कफ, गले में इन्फेक्शन जैसी समस्या भी ऐसे व्यक्ति को अक्सर होती रहती है। इसलिए चंद्र केतु की युति स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अच्छी नहीं होती है।

● चन्द्रमा उल्टी आंख के कारक भी होते है इसलिए यदि कुंडली में चंद्र केतु से पीड़ित होते है तो ऐसे व्यक्ति को उल्टी आंख में समस्या हो सकती है उसकी उल्टी आंख कमजोर हो सकती है।

● कुंडली में चन्द्रमा फेफड़ो के कारक भी होते है इसलिए यदि कुंडली में चंद्र केतु से पीड़ित होते है तो ऐसे व्यक्ति को चेस्ट में इन्फेक्शन, फेफड़ो से जुडी समस्या होने की सम्भावना रहती है।

● कुंडली में चन्द्रमा प्रॉपर्टी के कारक भी माने जाते है इसलिए चंद्र केतु की युति कुंडली में बनने पर प्रॉपर्टी बनने में देरी के योग भी बनते है ऐसे व्यक्ति का अपना खुद का मकान देर से बनता है।

● कुंडली में चन्द्रमा ब्लड के कारक भी होते है इसलिए कुंडली में चंद्र केतु की युति होने पर ब्लड में इन्फेक्शन होने की सम्भावना भी रहती है। इसलिए स्वास्थ्य की दृष्टि से भी चंद्र केतु की युति अच्छी नहीं होती है।


चंद्र केतु के उपाय | chandra ketu ke upay

● चन्द्रमा को मजबूत करने के लिए प्रतिदिन शाम को चन्द्रमा के मंत्र की एक माला का जाप जरूर करे ॐ सोम सोमाय नमः। इससे चन्द्रमा के दुष्प्रभाव समाप्त हो जाते है और चन्द्रमा मजबूत हो जाता है और चन्द्रमा अपने शुभ फल प्रदान करने लगता है।

● चन्द्रमा को मजबूत करने के लिए किसी विशेषज्ञ ज्योतिषी से कुंडली दिखाकर मोती रत्न धारण करे। मोती रत्न धारण करने से चन्द्रमा के दुष्प्रभाव समाप्त हो जाते है और चन्द्रमा मजबूत हो जाता है और चन्द्रमा अपने शुभ फल प्रदान करने लगता है।

● चन्द्रमा को मजबूत करने के लिए दो मुखी रुद्राक्ष भी धारण कर सकते है। दो मुखी रुद्राक्ष धारण करने से चन्द्रमा के अशुभ प्रभाव समाप्त हो जाते है और चन्द्रमा के शुभ फल प्राप्त होते है।

● चन्द्रमा को मजबूत करने के लिए प्रत्येक सोमवार शंकर भगवान का व्रत करे। शंकर भगवान का व्रत करने से चंद्र ग्रह मजबूत हो जाता है और अपने शुभ फल प्रदान करता है।

● चन्द्रमा को मजबूत करने के लिए प्रत्येक सोमवार शिवलिंग पर कच्चा दूध जरूर चढ़ाए और प्रतिदिन सुबह ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करे। इससे चन्द्रमा के अशुभ प्रभाव समाप्त हो जाते है और चन्द्रमा के शुभ फल प्राप्त होते है।

● चंद्र ग्रह को मजबूत करने के लिए चंद्र गायत्री मंत्र का जाप भी कर सकते है ॐ अमृतंगाय विद्महे, कलारुपाय धीमहि, तन्नो सोम प्रचोदयात् । इससे चन्द्रमा के अशुभ प्रभाव समाप्त हो जाते है और चन्द्रमा के शुभ फल प्राप्त होते है।

● केतु की शांति के लिए प्रत्येक बुधवार कुत्ते को दूध ब्रेड खिलाए। इससे केतु ग्रह की शांति होती है और केतु ग्रह अपने शुभ फल प्रदान करते है।

● केतु की शांति के लिए प्रतिदिन सुबह पक्षियों को सतनाज खिलाए। इससे भी केतु ग्रह की शांति होती है और केतु के दुष्प्रभाव समाप्त हो जाते है और केतु के शुभ फल प्राप्त होते है।



ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा
 
 

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