Date : 2022-03-16
बुध के लिए चार मुखी रुद्राक्ष
चार मुखी रुद्राक्ष बुध ग्रह के लिए धारण किया जाता है। चार मुखी रुद्राक्ष धारण करने से बुध ग्रह के शुभ फल प्राप्त होते है अगर कुंडली में बुध पीड़ित हो या बुध कमजोर हो या बुध राहु, केतु से पीड़ित है या बुध कुंडली में योग कारक ग्रह है और बुध कुंडली में नीच का हो तो बुध के अशुभ फल से बचने के लिए और बुध के शुभ फल प्राप्त करने के लिए चार मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। मिथुन और कन्या राशि के जातक चार मुखी रुद्राक्ष जरूर धारण कर सकते है।
चार मुखी रुद्राक्ष धारण करने के लाभ
- चार मुखी रुद्राक्ष धारण करने से वाणी अच्छी होती है वाणी दोष समाप्त होता है।
- चार मुखी रुद्राक्ष धारण करने से स्किन से जुडी समस्या नहीं होती है। स्किन से जुडी समस्या समाप्त हो जाती है।
- चार मुखी रुद्राक्ष धारण करने से गले, आंतो से जुडी समस्या भी समाप्त हो जाती है।
- चार मुखी रुद्राक्ष धारण करने से मन शांत रहता है। मानसिक तनाव समाप्त हो जाता है।
- चार मुखी रुद्राक्ष धारण करने से बुद्धि तेज चलती है। लर्निंग पावर में वृद्धि होती है।
- चार मुखी रुद्राक्ष धारण करने से थाइरॉयड से जुडी समस्या में लाभ होता है।
- चार मुखी रुद्राक्ष धारण करने से सांस से समन्धित समस्या में लाभ प्राप्त होता है।
- चार मुखी रुद्राक्ष धारण करने से अस्थमा के ठीक होने के योग बन जाते है अस्थमा में बहुत लाभ प्राप्त होता है।
- चार मुखी रुद्राक्ष धारण करने से बुद्धि का विकास होता है। शिक्षा में बहुत लाभ प्राप्त होता है।
- चार मुखी रुद्राक्ष नाक से सम्बंधित रोग, मनोरोग को ठीक करने के लिए लाभदायक रहता है।
- चार मुखी रुद्राक्ष मेमोरी पावर को भी बढ़ाता है।
रुद्राक्ष धारण करने के नियम
- रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति को शराब, मांस, अंडे, लहसुन, प्याज़ से दूर रहना चाहिए। इस तरह की चीज़े नहीं खानी चाहिए।
- रुद्राक्ष धारण करने वालो को झूठ नहीं बोलना चाहिए और किसी भी प्रकार के गलत कामो से दूर रहना चाहिए।
- रुद्राक्ष धारण करने वालो को पैसो के मामले में भी ईमानदार रहना चाहिए।
- रुद्राक्ष धारण करने वालो को लाइफ पार्टनर के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनांते समय रुद्राक्ष उतार देना चाहिए।
- रुद्राक्ष धारण करने वालो को दुसरो की बुराई नहीं करनी चाहिए।
चार मुखी रुद्राक्ष धारण करने की विधि
- चार मुखी रुद्राक्ष को पिले धागे में गले में धारण किया जाता है।
- रुद्राक्ष सोमवार के दिन सुबह 6 से 7 बजे के मध्य धारण करना चाहिए।
- रुद्राक्ष धारण करने से पहले 10 मिनट तक रुद्राक्ष को एक कटोरी में कच्चे दूध और गंगाजल के मिश्रण में डालकर रखे इसके बाद रुद्राक्ष को कटोरी से निकालकर पुनः गंगाजल से धोकर शुद्ध करके घर में मंदिर में धुप दीप जलाकर ॐ नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जाप करे और उसके बाद अपने गले में रुद्राक्ष धारण करे।
ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा
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