बुध केतु की युति के फल

Date : 2023-05-23

बुध केतु की युति के फल



कुंडली में बुध धन, वाणी, स्किन, गले, बहन, बुआ, आंतो के कारक होते है। यदि कुंडली में बुध पीड़ित होते है तो अनेक प्रकार की समस्याए उत्पन्न होने लगती है। अगर कुंडली में बुध केतु के साथ होता है तो बुध पीड़ित अवस्था में होता है इसके कारण जड़त्व दोष बनता है। बुध केतु का योग कुंडली में होना अच्छा नहीं होता है। बुध केतु की युति के कई प्रकार के नकारात्मक परिणाम प्राप्त होते है। इसलिए बुध केतु की युति कुंडली में अच्छी नहीं मानी जाती है। इस ब्लॉग में चर्चा करेंगे की बुध केतु की युति के क्या क्या फल प्राप्त होते है।


बुध केतु की युति के फल

● कुंडली में बुध केतु से पीड़ित होता है तो ऐसे व्यक्ति को स्किन से जुडी समस्या होती है। ऐसे व्यक्ति को बाहर का खाना खाने से अलर्जी जल्दी हो जाती है।

● कुंडली में बुध केतु की युति होने पर गले में समस्या होने के योग बनते है टॉन्सिल की समस्या होने के योग बनते है। बुध केतु की युति होने पर गले में इन्फेक्शन के योग बनते है।

● बुध कुंडली में धन के कारक होते है इसलिए बुध केतु की युति कुंडली में होने पर धन हानि होती है। ऐसे व्यक्ति का धन व्यर्थ में खर्च होता है बुध केतु की युति वाले व्यक्ति को धन का नुकसान अधिक होता है।

● कुंडली में बुध केतु की युति होने पर बहन, बुआ के सुख में कमी रहती है। अगर बहन, बुआ होती है तो बहन या बुआ से कोई सपोर्ट और सहयोग प्राप्त नहीं होता है। बहन, बुआ से मतभेद और वाद विवाद के योग बनते है।

● कुंडली में बुध केतु की युति होने पर कंधे में भी समस्या होने के योग बनते है। व्यक्ति के कंधे में कोई न कोई समस्या जरूर होती है। इसलिए कंधे के लिए बुध केतु की युति अच्छी नहीं होती है।

● बुध वाणी के कारक होते है अगर कुंडली में बुध केतु की युति होगी तो ऐसे व्यक्ति को वाणी में समस्या होगी। व्यक्ति की वाणी में हकलाहट की समस्या हो सकती है।


बुध केतु के उपाय | budh ketu ke upay

● बुध को मजबूत करने के लिए प्रतिदिन सुबह बुध के मंत्र की एक माला का जाप जरूर करे ॐ बुं बुधाय नमः। इससे बुध के दुष्प्रभाव समाप्त हो जाते है और बुध मजबूत हो जाता है और बुध अपने शुभ फल प्रदान करने लगता है।

● बुध को मजबूत करने के लिए किसी विशेषज्ञ ज्योतिषी से कुंडली दिखाकर पन्ना रत्न धारण करे। पन्ना रत्न धारण करने से बुध के दुष्प्रभाव समाप्त हो जाते है और बुध मजबूत हो जाता है और बुध अपने शुभ फल प्रदान करने लगता है।

● बुध को मजबूत करने के लिए चार मुखी रुद्राक्ष भी धारण कर सकते है। चार मुखी रुद्राक्ष धारण करने से बुध के अशुभ प्रभाव समाप्त हो जाते है और बुध के शुभ फल प्राप्त होते है।

● बुध को मजबूत करने के लिए प्रत्येक बुधवार गणेश जी का व्रत करे। गणेश जी का व्रत करने से बुध ग्रह मजबूत हो जाता है और अपने शुभ फल प्रदान करता है।

● बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए बुध गायत्री मंत्र का जाप भी कर सकते है। ऊँ चन्द्रपुत्राय विदमहे रोहिणी प्रियाय धीमहि तन्नोबुध: प्रचोदयात। इससे बुध के अशुभ प्रभाव समाप्त हो जाते है और बुध के शुभ फल प्राप्त होते है।

● बुध को मजबूत करने के लिए बुधवार के दिन गाय को पालक या हरा चारा भी खिलाना चाहिए। इससे बुध ग्रह के दुष्प्रभाव समाप्त हो जाते है और बुध ग्रह अच्छे फल प्रदान करते है।

● केतु की शांति के लिए प्रत्येक बुधवार कुत्ते को दूध ब्रेड खिलाए। इससे केतु ग्रह की शांति होती है और केतु ग्रह अपने शुभ फल प्रदान करते है।

● केतु की शांति के लिए प्रतिदिन सुबह पक्षियों को सतनाज खिलाए। इससे भी केतु ग्रह की शांति होती है और केतु के दुष्प्रभाव समाप्त हो जाते है और केतु के शुभ फल प्राप्त होते है।



ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा
 
 

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