बृहस्पति देव की आरती

Date : 2023-02-22

बृहस्पति देव की आरती

 

बृहस्पति का व्रत वीरवार के दिन रखा जाता है इस व्रत से बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है। इस व्रत के प्रभाव से आर्थिक स्थिति में सुधार होता है। धन लाभ होता है। व्यापार और नौकरी में उन्नति के योग बनते है। पारिवारिक सुख में वृद्धि होती है। परिवार में सुख शांति रहती है। धन की तंगी समाप्त हो जाती है। बृहस्पतिवार का व्रत करने से संतान सुख में वृद्धि होती है। पुत्र सुख प्राप्त होने के योग बनते है। इस व्रत के प्रभाव से गृहस्त सुख में वृद्धि होती है जिन कन्याओ के विवाह में बाधा आ रही है उनको वीरवार का व्रत जरूर करना चाहिए इससे विवाह सम्बंधित रूकावट दूर हो जाती है और शादी हो जाती है और शादी के बाद मैरिड लाइफ भी अच्छी रहती है इसलिए शादी शुदा महिलाओं को भी वीरवार का व्रत जरूर करना चाहिए। वीरवार के दिन केले के पौधे का पूजन करे और भगवान विष्णु की पूजा करे। पूजा करने के बाद बृहस्पति देव की आरती करे।


बृहस्पति देव की आरती

जय बृहस्पति देवा
ॐ जय बृहस्पति देवा ।
छिन छिन भोग लगाऊँ
कदली फल मेवा।
ॐ जय बृहस्पति देवा
जय बृहस्पति देवा।

तुम पूरण परमात्मा
तुम अन्तर्यामी ।
जगतपिता जगदीश्वर
तुम सबके स्वामी।
ॐ जय बृहस्पति देवा
जय बृहस्पति देवा।

चरणामृत निज निर्मल
सब पातक हर्ता ।
सकल मनोरथ दायक,
कृपा करो भर्ता।
ॐ जय बृहस्पति देवा
जय बृहस्पति देवा।

तन, मन, धन अर्पण कर
जो जन शरण पड़े ।
प्रभु प्रकट तब होकर
आकर द्वार खड़े।
ॐ जय बृहस्पति देवा,
जय बृहस्पति देवा।

दीनदयाल दयानिधि
भक्तन हितकारी ।
पाप दोष सब हर्ता
भव बंधन हारी।
ॐ जय बृहस्पति देवा,
जय बृहस्पति देवा।

सकल मनोरथ दायक,
सब संशय हारो ।
विषय विकार मिटाओ
संतन सुखकारी।
ॐ जय बृहस्पति देवा
जय बृहस्पति देवा।

जो कोई आरती तेरी
प्रेम सहित गावे ।
जेठानन्द आनन्दकर,
सो निश्चय पावे।
ॐ जय बृहस्पति देवा,
जय बृहस्पति देवा।


बृहस्पति देव की दान की वस्तुए

बृहस्पति देव की दान की वस्तुए है बेसन के लड्डू, पीला कपड़ा, चने की दाल, पिले रंग के फल आदि। इन चीज़ो का दान ब्राह्मणो को करना चाहिए तभी दान का पूर्ण रूप से फल प्राप्त होता है।

 

ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा

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