Date : 2023-06-27
बृहस्पति शनि युति के तीसरे स्थान में फल
कुंडली में तीसरा स्थान भाई बहन, छोटी यात्रा, पडोसी, मेहनत, कम्युनिकेशन, कान का होता है। कुंडली के तीसरे स्थान में बृहस्पति शनि होने के कारण तीसरा स्थान पीड़ित हो जाता है और तीसरे स्थान से जुड़े शुभ फलो में कमी आती है। इस ब्लॉग में बृहस्पति शनि की युति के तीसरे स्थान में क्या फल प्राप्ति होते है उसकी चर्चा विस्तार से करेंगे।
बृहस्पति शनि युति के तीसरे स्थान में फल● तीसरे स्थान में बृहस्पति शनि होने के कारण भाई बहनो के सुख में कमी रहती है। भाई बहनो से सम्बन्ध अच्छे नहीं होते है और उनको करियर और स्वास्थ्य सम्बंधित समस्या भी रहती है।
● तीसरे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने के कारण कान से सम्बंधित समस्या होती है। कान में कोई न कोई समस्या लगी रहती है सुनने में समस्या होने की सम्भावना रहती है।
● तीसरे स्थान में बृहस्पति शनि होने के कारण पड़ोसियों से लड़ाई झगड़े और वाद विवाद के योग बनते है। पड़ोसियों के साथ अच्छे सम्बन्ध नहीं होते है।
● तीसरे स्थान में बृहस्पति शनि होने के कारण मेहनत का फल पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं होता है। लाइफ में संघर्ष अधिक करना पड़ता है। व्यर्थ की भागदौड़ अधिक रहती है।
● तीसरे स्थान में बृहस्पति शनि होने के कारण कम्युनिकेशन स्कील अच्छी नहीं होती है ऐसे व्यक्ति को लोगो से ज्यादा कम्यूनिकेट करना अच्छा नहीं लगता है।
● तीसरे स्थान में बृहस्पति शनि होने के कारण पेट, पाचन क्रिया से सम्बन्धी समस्या होने की सम्भावना रहती है। ऐसे व्यक्ति को बाहर का खाना या फ़ास्ट फ़ूड कम ही खाना चाहिए।
● तीसरे स्थान में बृहस्पति शनि होने के कारण बड़ी आयु में शुगर होने की सम्भावना रहती है। इसलिए ऐसे व्यक्ति को ज्यादा मीठा नहीं खाना चाहिए।
● तीसरे स्थान में बृहस्पति शनि होने के कारण वजन से जुडी समस्या भी होने की सम्भावना रहती है ऐसे व्यक्ति का वजन कम हो सकता है अर्थात वो अंडर वेट हो सकता है या ऐसे व्यक्ति का वजन अधिक हो सकता है अर्थात ऐसा व्यक्ति ओवर वेट हो सकता है।