बृहस्पति शनि युति के सातवे स्थान में फल

Date : 2023-07-07

बृहस्पति शनि युति के सातवे स्थान में फल



कुंडली में सातवा स्थान मैरिड लाइफ का होता है और सातवा स्थान पार्टनरशिप का भी होता है। सप्तम भाव प्राइवेट पार्ट का भी होता है। सातवा स्थान चौथे स्थान से चौथा स्थान होता है इसलिए सातवा स्थान भी सुख के लिए देखा जाता है। सातवा स्थान पति पत्नी के बीच फ़िज़िकल सम्बन्ध का होता है। इस ब्लॉग में चर्चा करेंगे की कुंडली के सातवे स्थान में बृहस्पति शनि एक साथ होते है तो क्या क्या फल प्राप्त होते है।


बृहस्पति शनि युति के सातवे स्थान में फल

● कुंडली के सातवे स्थान में बृहस्पति शनि होने के कारण शादी में देरी और रूकावट के योग बनते है। बृहस्पति शनि एक साथ होने के कारण गुरु चांडाल दोष बनता है जिसके कारण विवाह में बाधा आती है और अच्छे रिश्ते मिलने में रूकावट आती है।

● कुंडली के सातवे स्थान में बृहस्पति शनि होने के कारण शादी के बाद पति पत्नी के बीच लड़ाई झगड़े की स्थिति रहती है। मैरिड लाइफ में समस्या रहती है। गृहस्त सुख में कमी रहती है। शादी चलने में भी समस्या आती है।

● कुंडली के सातवे स्थान में बृहस्पति शनि होने के कारण लाइफ पार्टनर की आयु में बड़ा अंतर हो सकता है। अपनी आयु का लाइफ पार्टनर मिलने में रूकावट रहती है।

● कुंडली के सातवे स्थान में बृहस्पति शनि होने के कारण लाइफ पार्टनर से धोखा प्राप्त होने की सम्भावना रहती है। लाइफ पार्टनर चीट कर सकता है। इसका ध्यान रखना चाहिए।

● कुंडली के सातवे स्थान में बृहस्पति शनि होने के कारण पार्टनरशिप में बिज़नेस करने पर सफलता प्राप्त नहीं हो पाती है। पार्टनरशिप में बिज़नेस करने पर धोखा होने के योग बनते है और बिज़नेस फेल हो जाता है।

● कुंडली के सातवे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने के कारण लाइफ पार्टनर को पेट, पाचन क्रिया से सम्बंधित समस्या होने की सम्भावना रहती है। लाइफ पार्टनर की पाचन क्रिया अच्छी नहीं होती है।

● कुंडली के सातवे स्थान में बृहस्पति शनि होने के कारण लाइफ पार्टनर को शुगर की समस्या होने की सम्भावना रहती है। इसलिए लाइफ पार्टनर को ज्यादा मीठा नहीं खाना चाहिए।

● कुंडली के सातवे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने के कारण पति पत्नी के बीच शारीरिक सम्बन्धो में भी कमी आने की सम्भावना रहती है इसलिए ये योग सप्तम भाव में अच्छा नहीं होता है।

● कुंडली के सातवे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने के कारण लाइफ पार्टनर का स्वभाव थोड़ा जिद्दी होता है और लाइफ पार्टनर धार्मिक भी होता है। लाइफ पार्टनर की जॉब टेक्निकल फील्ड, अकाउंट्स, फाइनेंस, सिविल इंजीनियरिंग, इन्स्योरेन्स से जुडी फील्ड में हो सकता है।

● कुंडली के सातवे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने के कारण अपना स्वयं का मकान बनने में देरी के योग बनते है और जन्म स्थान से दूर रहने के योग बनते है जन्म स्थान से दूर अपना मकान बनने के योग बनते है।




ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा
 
 

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