Date : 2023-06-24
बृहस्पति शनि युति के पांचवे स्थान में फल
कुंडली में पांचवा स्थान लव अफेयर, संतान, मित्र, प्लानिंग, पेट और उच्च शिक्षा का होता है और बृहस्पति एक शुभ ग्रह है और शनि एक पाप और अलगाववादी ग्रह है। इसलिए बृहस्पति शनि की युति का पांचवे स्थान में होना अच्छी स्थिति नहीं है। पांचवे स्थान में शनि बृहस्पति युति के क्या क्या फल प्राप्त होते है इसकी चर्चा इस ब्लॉग में करेंगे।
बृहस्पति शनि युति के पांचवे स्थान में फल● कुंडली में बृहस्पति शनि की युति पांचवे स्थान में होने पर पेट और पाचन क्रिया से सम्बंधित समस्या के योग बनते है पेट और पाचन क्रिया अच्छी नहीं होती है। इसलिए पांचवे स्थान में बृहस्पति शनि का होना स्वास्थ्य की दृष्टि से अच्छा नहीं है।
● कुंडली में बृहस्पति शनि की युति पांचवे स्थान में होने के कारण लव अफेयर में धोखा होने के योग बनते है लव अफेयर में सफलता प्राप्त नहीं हो पाती है लव अफेयर टूटने के योग बन जाते है इसलिए लव अफेयर की दृष्टि से भी पांचवे स्थान में बृहस्पति शनि की युति का होना अच्छा नहीं है।
● कुंडली में बृहस्पति शनि की युति पांचवे स्थान में होने के कारण उच्च शिक्षा में भी बाधा आती है। पढ़ाई में रूकावट के योग बनते है लर्निंग पावर कमजोर होती है पढ़ाई में रूकावट आने के योग बनते है हायर एजुकेशन में बाधा आती है। अतः उच्च शिक्षा के लिए भी पांचवे स्थान में बृहस्पति शनि की युति का होना अच्छा नहीं है।
● कुंडली के पांचवे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने पर संतान प्राप्ति में बाधा और देरी के योग बनते है। संतान प्राप्ति में रूकावट आती है और विशेषकर पुत्र संतान का सुख प्राप्त होने में रूकावट रहती है। अतः संतान सुख की दृष्टि से भी पांचवे स्थान में बृहस्पति शनि की युति का होना अच्छा नहीं है।
● कुंडली में पांचवे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने पर प्लानिंग सफल नहीं होती है ऐसा व्यक्ति जो भी प्लान बनाता है उसका प्लान सफल नहीं होता है ऐसे व्यक्ति की प्लानिंग सफल नहीं होती है अतः प्लानिंग की दृष्टि से भी पांचवे स्थान में बृहस्पति शनि की युति का होना अच्छा नहीं है।
● कुंडली में पांचवे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने पर मित्र भी अच्छे नहीं बनते है मित्र जरूरत पड़ने पर काम नहीं आते है। मित्रो से लड़ाई झगड़े की स्थिति बनती है मित्रो से लाभ नहीं होता है मित्र गलत संगत भी बनते है। अतः मित्रो की दृष्टि से भी पांचवे स्थान में बृहस्पति शनि की युति का होना अच्छा नहीं है।स
ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा