बृहस्पति शनि युति के दूसरे स्थान में फल

Date : 2023-06-26

बृहस्पति शनि युति के दूसरे स्थान में फल



कुंडली में दूसरा स्थान धन संचय, आंख, गले, वाणी, खाने पीने, गहने, पैतृक संपत्ति, कुटुंब का होता है और बृहस्पति एक शुभ ग्रह है और शनि एक पाप और अलगाववादी ग्रह है। इसलिए बृहस्पति शनि की युति का दूसरे स्थान में होना अच्छी स्थिति नहीं है। दूसरे स्थान में शनि बृहस्पति युति के क्या क्या फल प्राप्त होते है इसकी चर्चा इस ब्लॉग में करेंगे।



बृहस्पति शनि युति के दूसरे स्थान में फल

● कुंडली के दूसरे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने के कारण जॉइंट फैमिली में रहने में समस्या आने के योग बनते है जॉइंट फैमिली से जुडी समस्या रहती है जॉइंट फैमिली में मतभेद की स्थिति रहती है।

● कुंडली के दूसरे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने पर नशा करने के योग बनते है। ऐसा व्यक्ति नशे की आदत में पड़ सकता है। ऐसे व्यक्ति को ड्रिंक करने की आदत हो सकती है।

● कुंडली के दूसरे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने पर वाणी दोष के योग बनते है ऐसे व्यक्ति की वाणी कड़वी होती है। ऐसा व्यक्ति गली गलोच कर सकता है ऐसे व्यक्ति की वाणी कड़वी होती है दुसरो से ऐसे व्यक्ति अपशब्द का प्रयोग कर सकते है।

● कुंडली के दूसरे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने पर आँखों से जुडी समस्या होती है ऐसे व्यक्ति की आँखों में समस्या हो सकती है या आंखे कमजोर हो सकती है। अतः आँखों के लिए भी ये युति अच्छी नहीं है।

● कुंडली के दूसरे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने पर पैतृक संपत्ति से जुडी समस्या हो सकती है। ऐसे व्यक्ति को परिवार में पैतृक संपत्ति मिलने में रूकावट आती है। पैतृक संपत्ति को लेकर वाद विवाद की स्थिति बन सकती है।

● कुंडली के दूसरे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने पर घर में गहने चोरी होने की सम्भावना रहती है। सोना चोरी होने की सम्भावना बनती है सोना खोने के योग भी बन सकते है।

● कुंडली के दूसरे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने पर व्यर्थ के खर्चे अधिक होते है। धन संचय में कमी रहती है खर्च का कोई न कोई कारण बन जाता है जिसके कारण धन संचय में समस्या रहती है।

● कुंडली के दूसरे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने पर पेट और पाचन क्रिया से सम्बंधित समस्या के योग बनते है। पाचन क्रिया अच्छी नहीं होती है। खाने पीने की गलत आदत होने के कारण पेट और पाचन क्रिया सम्बंधित समस्या रहती है।

● कुंडली के दूसरे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने पर गले में इन्फेक्शन, टॉन्सिल जैसी समस्या होने की सम्भावना रहती है। गले से जुडी कोई न कोई समस्या होने के योग बनते है।

● कुंडली के दूसरे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने पर जन्म स्थान से दूर रहने के योग भी बनते है। जन्म स्थान से दूर काम करने के योग बनते है। जन्म स्थान छूटने के योग बनते है।

● कुंडली के दूसरे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने पर कार्य क्षेत्र में तरक्की के नए अवसर प्राप्त होते है। कार्य क्षेत्र में लाभ होने के योग बनते है।

● कुंडली के दूसरे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने पर गुप्त विद्या में रूचि होती है जैसे तंत्र, मंत्र, ज्योतिष जैसे विषयों में रूचि होती है और गुप्त विद्या सिखने के योग भी बनते है।

● कुंडली के दूसरे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने पर शत्रुओ से मुक्ति प्राप्त होने के योग बनते है। शत्रुओ पर विजय प्राप्त होने के योग बनते है। 

Copyright © 2022 Astrologermaheshsharma.com . All Rights Reserved.