बृहस्पति शनि युति के चौथे स्थान में फल

Date : 2023-06-30

बृहस्पति शनि युति के चौथे स्थान में फल



कुंडली में चौथा स्थान प्रॉपर्टी, माता, जन्म स्थान, मन, फेफड़ो का होता है। चौथे स्थान में बृहस्पति शनि होने के कारण गुरु चांडाल दोष बनता है इसके कारण चौथा स्थान पीड़ित हो जाता है इसके कारण चौथे स्थान से जुड़े शुभ फलो में कमी आती है और चौथे स्थान से जुड़े अशुभ फल प्राप्त होते है। इस ब्लॉग में चौथे स्थान में बृहस्पति शनि की युति के क्या क्या दुष्प्रभाव और फल प्राप्त होते है उसकी चर्चा विस्तार से करेंगे।


बृहस्पति शनि युति के चौथे स्थान में फल

● कुंडली में चौथे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने के कारण माता का स्वास्थ्य कमजोर रहता है माता को पेट, पाचन, हड्डी, नसे नाड़ी से सम्बंधित समस्या की सम्भावना रहती है।

● कुंडली में चौथे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने के कारण माता से मतभेद की स्थिति रहती है। माता से वैचारिक मतभेद रहते है माता के साथ सम्बन्ध अच्छे नहीं होते है।

● कुंडली में चौथे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने के कारण प्रॉपर्टी से जुडी समस्या रहती है। प्रॉपर्टी बनने में देरी और रूकावट के योग बनते है और प्रॉपर्टी से जुड़े वाद विवाद भी होने की संभावना रहती है।

● कुंडली में चौथे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने के कारण जन्म स्थान छूटने के योग बनते है। जन्म स्थान से दूर काम करने के योग बनते है। जन्म स्थान से दूर ही ऐसे व्यक्ति को सफलता प्राप्त होती है।

● कुंडली में चौथे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने के कारण कार्य क्षेत्र में भी स्थिरता और तरक्की प्राप्त होने में रूकावट रहती है। करियर में सफलता प्राप्त करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है।

● कुंडली में चौथे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने के कारण लड़ाई झगड़े और दुश्मनी के योग बनते है। ऐसे व्यक्ति के शत्रु बनने की सम्भावना रहती है।

● कुंडली के चौथे स्थान में शनि बृहस्पति होने के कारण ऐसा व्यक्ति जिद्दी और आलसी स्वभाव का होता है। ऐसे व्यक्ति का स्वभाव थोड़ा जिद्दी हो जाता है।

● कुंडली के चौथे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने के कारण रात को देर से नींद आने की समस्या हो सकती है। ऐसे व्यक्ति को नींद देर से आती है और रात को डरावने सपने भी आते है।

● कुंडली में चौथे स्थान में बृहस्पति शनि होने के कारण पेट और पाचन क्रिया ज्यादा अच्छी नहीं होती है ऐसे व्यक्ति को बाहर का फ़ास्ट फ़ूड या बाहर का खाना नहीं खाना चाहिए।

● कुंडली में चौथे स्थान में बृहस्पति शनि होने के कारण जन्म स्थान से दूर अपना मकान बनने के योग बनते है। जन्म स्थान से दूर प्रॉपर्टी बनने के योग बनते है।


बृहस्पति शनि युति के उपाय

● प्रतिदिन शाम को शनि के जाप करे ॐ प्रां प्रीं प्रों सः शनेश्चराय नमः। प्रत्येक शनिवार शनि देव पर सरसो का तेल चढ़ाए।

● 21 शनिवार शनि मंदिर में काली साबुत उड़द का दान करे। 21 शनिवार चींटियों को आटा और चीनी मिलाकर खिलाए।

● प्रत्येक वीरवार व्रत करे। प्रतिदिन सुबह बृहस्पति के मंत्र की एक माला का जाप जरूर करे ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः।

● गुरु चांडाल दोष की शांति के लिए पांच मुखी रुद्राक्ष धारण करे। इससे भी गुरु चांडाल दोष के दुष्प्रभाव समाप्त होंगे।




ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा
 
 

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