बृहस्पति शनि युति के छठे स्थान में फल

Date : 2023-07-05

बृहस्पति शनि युति के छठे स्थान में फल



कुंडली में छठा स्थान रोग, कर्ज और शत्रुओ का होता है। बृहस्पति ग्रह धन, परिवार, वजन, पेट, पाचन क्रिया, शिक्षा, संतान के कारक होते है और शनि हड्डी, नसे नाड़ी के कारक होते है और शनि कर्म के कारक होते है और शनि लाभ के कारक होते है। छठे स्थान में बृहस्पति शनि की युति के ज्यादा शुभ परिणाम प्राप्त नहीं होते है। छठे स्थान में बृहस्पति शनि का एक साथ छठे स्थान में होना अच्छी स्थिति नहीं है। इसके कारण जातक को अनेक प्रकार की समस्याओ का सामना करना पड़ सकता है।



बृहस्पति शनि युति के छठे स्थान में फल

● कुंडली के छठे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने के कारण पेट, पाचन क्रिया से सम्बंधित समस्या होने की सम्भावना रहती है। ऐसे व्यक्ति को बाहर का खाना या फ़ास्ट फ़ूड नहीं खाना चाहिए।

● कुंडली के छठे स्थान में बृहस्पति शनि होने के कारण धन की समस्या रहती है ऐसे व्यक्ति को धन की समस्या का सामना करना पड़ सकता है आर्थिक स्थिति कमजोर रहती है।

● कुंडली के छठे स्थान में बृहस्पति शनि होने के कारण भाग्य में रूकावट रहती है लाइफ में संघर्ष अधिक होता है मेहनत के अनुसार भाग्य का साथ प्राप्त नहीं होता है प्रत्येक कार्य में रूकावट रहती है। व्यक्ति को संघर्ष करना पड़ता है।

● कुंडली के छठे स्थान में बृहस्पति शनि होने के कारण करियर में स्थिरता और तरक्की प्राप्त होने में रूकावट रहती है करियर में समस्या बनी रहती है। करियर में तरक्की प्राप्त होने में रूकावट रहती है।

● कुंडली के छठे स्थान में बृहस्पति शनि होने के कारण जातक को वजन से जुडी समस्या रहती है। ऐसे व्यक्ति ओवर वेट हो सकता है या ऐसा व्यक्ति अंडर वेट हो सकता है।

● कुंडली के छठे स्थान में बृहस्पति शनि होने के कारण संतान सुख में भी समस्या रहती है संतान प्राप्ति में बाधा और देरी का सामना करना पड़ता है। विशेषकर पुत्र संतान के सुख में कमी रहती है।

● कुंडली के छठे स्थान में बृहस्पति शनि होने के कारण पारिवारिक सुख में कमी रहती है ऐसे व्यक्ति के परिवार में शुभ और मांगलिक कार्य  होने में रूकावट रहती है।

● कुंडली के छठे स्थान में बृहस्पति शनि होने के कारण उच्च शिक्षा में बाधा आती है। जिस बच्चे की कुंडली में छठे स्थान में बृहस्पति शनि होते है उस बच्चे का पढ़ाई में मन नहीं लगता है। हायर एजुकेशन में रूकावट आती है।

● कुंडली के छठे स्थान में बृहस्पति शनि होने के कारण कर्ज की सम्भावना रहती है। ऐसे व्यक्ति के ऊपर कर्ज रहता है। आर्थिक स्थिति कमजोर रहती है जिसके कारण कर्जा हो जाता है।

● कुंडली के छठे स्थान में बृहस्पति शनि होने के कारण स्वास्थ्य सम्बंधित कोई न कोई समस्या लगी रहती है ऐसे व्यक्ति को बड़ी आयु में शुगर होने की सम्भावना रहती है।

● कुंडली में छठे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने पर व्यक्ति को हड्डी, नसे नाड़ी से सम्बंधित समस्या की सम्भावना रहती है विशेषकर आयु बढ़ने पर इस तरह की समस्या होने के योग बनते है।

● कुंडली के छठे स्थान में बृहस्पति शनि की युति होने पर व्यक्ति के कोई न कोई दुश्मन बन जाते है। व्यक्ति की वाणी थोड़ी कड़वी होती है जिसके कारण उसके शत्रु भी बन जाते है।



ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा

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