Date : 2023-06-18
बृहस्पति शनि की युति के फल
गुरु कुंडली में शिक्षा, पढ़ाई, संतान, पुत्र संतान, धन, भाग्य, पेट और पाचन क्रिया के कारक होते है और शनि कर्म, धन लाभ, इनकम, मेहनत, हड्डी, नसे नाड़ी के कारक होते है। बृहस्पति शनि की युति कुंडली में चांडाल दोष का निर्माण करती है। अतः वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति शनि की युति को अच्छा नहीं माना जाता है। इस युति के कुछ अच्छे फल भी प्राप्त होते है लेकिन ज्यादातर इस युति के अशुभ फल ही प्राप्त होते है। इस ब्लॉग में आज चर्चा करेंगे की कुंडली में बृहस्पति शनि की युति के क्या फल होते है।
बृहस्पति शनि की युति के फल ( jupiter saturn conjuction in kundli )● बृहस्पति शनि की युति के कारण पेट और पाचन क्रिया से सम्बंधित समस्या होने की सम्भावना रहती है। इसलिए ऐसे व्यक्ति को बाहर का खाना या फ़ास्ट फ़ूड नहीं खाना चाहिए।
● बृहस्पति शनि की युति कुंडली में होने पर वजन से जुडी समस्या रहती है ऐसा व्यक्ति या तो ओवर वेट हो सकता है या अंडर वेट हो सकता है अतः बृहस्पति शनि की युति वाले व्यक्ति को वजन से जुडी समस्या रहती है उसका वजन सामान्य नहीं होता है।
● बृहस्पति शनि की युति कुंडली में बनने पर पुत्र संतान प्राप्ति में रूकावट के योग बनते है। पुत्र सुख में कमी के योग बनते है। यदि पुत्र हो भी जाता है तो पुत्र से सुख प्राप्त नहीं होता है पुत्र कष्ट के योग बनते है।
● बृहस्पति शनि की युति होने पर हायर एजुकेशन में रूकावट के योग बनते है। उच्च शिक्षा में बाधा आती है। इसलिए उच्च शिक्षा के लिए भी बृहस्पति शनि की युति अच्छी नहीं होती है।
● बृहस्पति शनि की युति कुंडली में बनने पर नसे नाड़ी से सम्बंधित समस्या की सम्भावना रहती है। घटना में समस्या की सम्भावना रहती है। अतः स्वास्थ्य की दृष्टि से भी ये युति अच्छी नहीं है।
● बृहस्पति शनि की युति पारिवारिक सुख में रुकावट डालता है। पारिवारिक सुख में कमी रहती है। परिवार वालो से सपोर्ट प्राप्त नहीं होता है परिवार से मतभेद की स्थिति रहती है।
● बृहस्पति शनि की युति कुंडली में बनने पर लड़कियों की शादी में रूकावट आती है शादी में देरी होती है शादी के बाद पति से सपोर्ट प्राप्त नहीं होता है गृहस्त सुख में समस्या रहती है।
● कुंडली में बृहस्पति शनि की युति होने पर व्यक्ति कार्य क्षेत्र में ज्यादा ध्यान देता है ऐसा व्यक्ति करियर में अपनी मेहनत से तरक्की प्राप्त करने वाला होता है। ऐसा व्यक्ति जीवन भर कार्य करता है और जीवन भर काम करके धन कमाता है।
● कुंडली में बृहस्पति शनि की युति बनने पर भाग्य में रूकावट की स्थिति रहती है मेहनत के अनुसार भाग्य का साथ प्राप्त नहीं होता है प्रत्येक कार्य में रूकावट आती है। धार्मिक कार्यो में रूकावट आती है।
बृहस्पति शनि की युति के उपाय ( remedies for jupiter saturn yuti )● प्रतिदिन सुबह बृहस्पति के मंत्र की एक माला का जाप जरूर करे ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः। प्रत्येक वीरवार व्रत करे।
● बृहस्पति को मजबूत करने के लिए ज्योतिषी से कुंडली दिखाकर पुखराज रत्न भी धारण कर सकते है। इससे बृहस्पति के शुभ फल प्राप्त होंगे और गुरु चांडाल दोष के दुष्प्रभाव समाप्त होंगे।
● बृहस्पति को मजबूत करने के लिए पांच मुखी रुद्राक्ष भी धारण कर सकते है। इससे भी बृहस्पति ग्रह के शुभ फल प्राप्त होते है और अशुभ फल समाप्त हो जाते है।
● प्रतिदिन शाम को सरसो के तेल का दीपक जलाकर उसके सामने नीले कपड़े के आसन पर बैठकर शनि के मंत्र की एक माला का जाप जरूर करे ॐ प्रां प्रीं प्रों सः शनेश्चराय नमः।
● प्रत्येक शनिवार शनि देव पर सरसो का तेल चढ़ाए और 21 शनिवार शनि मंदिर में काली साबुत उड़द का दान करे।
● शनि के शुभ फल प्राप्त करने के लिए सात मुखी रुद्राक्ष धारण करे। सात मुखी रुद्राक्ष धारण करने से शनि के दुष्प्रभाव समाप्त हो जाते है और शनि के शुभ फल प्राप्त होते है।
ज्योतिषाचार्य : महेश शर्मा